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जीते जी मिली गरीबी और मरने पर श्मशान भी नसीब नहीं, बिहार में चौराहे पर जली दलित बुजुर्ग महिला की चिता

बिहार के वैशाली से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सभ्य समाज को शर्मसार कर देने वाली है. एक 91 साल की बुजुर्ग महिला को मृत्यु के बाद श्मशान तक का रास्ता नसीब नहीं हुआ. अतिक्रमण की वजह से दलित परिवार को अपनी बुजुर्ग मां का अंतिम संस्कार सड़क पर करना पड़ा.

बिहार के वैशाली जिले में एक 91 वर्षीय दलित महिला का अंतिम संस्कार सड़क के चौराहे पर करना पड़ा. पिछले हफ्ते हुई इस घटना के पीछे की वजह श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण बताया जा रहा है, जिसकी वजह से परिवार को वहां जाने से रोक दिया गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला गोरौल प्रखंड का है. मृतका चमकी देवी के परिवार ने बताया कि स्थानीय दुकानदारों ने श्मशान घाट की ओर जाने वाले पारंपरिक रास्ते को बंद कर दिया था. बार-बार विनती और बहस के बाद भी जब उन्हें शव ले जाने की अनुमति नहीं मिली, तो मजबूरी में उन्हें सड़क पर ही अंतिम संस्कार करना पड़ा.

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या सालों पुरानी है. वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और पुष्टि की कि निजी जमीन पर दुकानें बन जाने की वजह से रास्ता बंद हुआ है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है और प्रभावित परिवार को सरकारी सहायता दी जा रही है. साथ ही, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.

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