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बिहार में 52 लाख मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर, SIR पर आया बड़ा अपडेट

Bihar Eletion 2025: बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर बड़ा अपडेट आया है। वैरिफिकेशन में बिहार में 52 लाख मतदाता हटाए गए हैं। इस आंकड़ें में मृत मतदाता, अन्य विधानसभा में ट्रांसफर हुए मतदाता, दो जगह दर्ज मतदाताओं के नाम शामिल हैं।

क्रेडिट- बीफंकी
Bihar Election 2025: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव में वैध मतदाता छांटने के लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चला रहा है। आयोग ने बताया कि वोटर लिस्ट में 52.30 लाख मतदाता सही नहीं पाए गए। इसमें से करीब 18.5 लाख मतदाता मृत पाए गए, 26 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए और करीब 7.5 लाख मतदाता कई जगहों पर पंजीकृत पाए गए। इसके अलावा करीब 11,000 का पता नहीं चल पाया।

बचे हैं 2.7 प्रतिशत गणना फॉर्म

चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण काम चल रहा है। अब केवल 2.7% मतदाता ही गणना फॉर्म भरने के लिए बचे हैं। 97.3% मौजूदा मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा कर दिया है। अब 1 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होगी। यह भी पढ़ें: बिहार में आधार से जुड़ी गड़बड़ियों पर PAC सख्त, नियमों में सुधार की मांग पर हुई चर्चा

अभी भी इन मतदाताओं को ढूंढा जा रहा है

बिहार में चल रहे SIR प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग ने बताया कि अभी भी उन मतदाताओं को ढूंढा जा रहा है जिन्होंने अपना गणना फॉर्म (ईएफ) जमा नहीं किया है या अपने पते पर नहीं पाए गए हैं। इस कार्य में 1 लाख बीएलओ, 4 लाख स्वयंसेवक और 1.5 लाख बीएलए सहित पूरी चुनाव मशीनरी लगी है।

राजनीतिक पार्टियों को मिली ये लिस्ट

चुनाव आयोग ने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO), निर्वाचन रजिस्ट्रार अधिकारी (ERO) और बीएलओ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं। 21.36 लाख मतदाताओं ने अभी तक गणना फॉर्म जमा नहीं किए हैं। इनकी सूची राजनीतिक दलों को दी गई है। इसके अलावा उन 52.30 लाख वोटरों को भी लिस्ट दी, जिन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किया गया है।

जिनका नाम नहीं, अब क्या करें

आयोग ने बताया कि 1 अगस्त को मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 1 सितंबर तक समय सुधार और आपत्ति के लिए रहेगा। इस दौरान मतदाता का नाम सूची में जोड़ा या घटाया जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाना चाहता है लेकिन जरूरी दस्तावेज नहीं है। तो वह सब डिविजनल मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) की मदद ले सकता है। उसके दिए फैसले से भी अगर कोई संतुष्ट नहीं है तो वो DM के सामने अपील कर सकता है।  यह भी पढ़ें: विवादों के बीच बिहार में अंतिम चरण में पहुंचा SIR, तेजस्वी यादव बोले- कहां से आ रहे आंकड़े


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