TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

शिक्षा विभाग ने स्कूलों की 12 छुट्टियों पर चलाई कैची, बिहार में सियासी घमासान शुरू

Bihar School holidays: बिहार सरकार ने इस साल के बचे हुए महीनों के स्कूलों की छुट्टियां 23 से घटाकर 11 कर दी हैं। अब इसको लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। बिहार में इन छुट्टियों के घटाए जाने पर बीजेपी ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। शिक्षा विभाग का नोटिफिकेशन […]

Bihar School holidays: बिहार सरकार ने इस साल के बचे हुए महीनों के स्कूलों की छुट्टियां 23 से घटाकर 11 कर दी हैं। अब इसको लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। बिहार में इन छुट्टियों के घटाए जाने पर बीजेपी ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है।

शिक्षा विभाग का नोटिफिकेशन

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसके अनुसार इस साल सितंबर से दिसंबर महीने के बीच आने वाले त्योहारों पर सिर्फ 11 दिन ही स्कूल बंद रहेंगे।

रक्षाबंधन पर नहीं मिलेगी छुट्टी

अब 30 अगस्त को स्कूलों में रक्षाबंधन की छुट्टी नहीं होगी। हालांकि पहले स्कूल में 30 अगस्त को रक्षाबंधन के छुट्टी की घोषणा की गई थी। इसी तरह से दुर्गा पूजा के मौके पर स्कूलों में 6 दिन की छुट्टी होनी थी, लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए रविवार को जोड़कर मात्र 3 दिनों की छुट्टियां ही दी जाएगी। यह भी पढ़ें: बिहार में गैंगरेप के बाद नाबालिग को जहर देकर मारा, परिजन बोले-केस दर्ज करने को पुलिस ने मांगी 20 हजार की रिश्वत

तीश सरकार पर भाजपा हमला

इस मुद्दे पर बिहार की सियासत तेज हो गई है। छुटियों में कटौती के बाद नीतीश सरकार पर भाजपा हमलावर हो गई है। भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा की बिहार में शरिया लागू कर दिया जाए और हिन्दू त्यौहार मनाने पर ही रोक लगा दी जाए। वहीं, सुशील मोदी ने बिहार सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए। कहा कि यह हिन्दू विरोधी फरमान सरकार वापस लें।

शिक्षा विभाग का बयान

छुट्टियों को कम करने को लेकर बिहार शिक्षा विभाग की तरफ से बयान में कहा गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की अनुसूची के तहत प्राथमिक स्कूलों में कम से कम 200 दिन और कक्षा 6वीं से 8वीं तक के स्कूलों में कम से कम 220 दिनों के कार्यदिवस का प्रावधान है। चुनाव, परीक्षा, कानून-व्यवस्था, त्योहार, आयोजन, बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं एवं कई तरह की परीक्षाओं के कारण से पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो जाता है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।


Topics: