पटना: बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है। बताया जा रहा है कि 16 अगस्त को नीतीश कैबिनेट का विस्तार होगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि फिलहाल 34-35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। RJD के 16, JDU के 13, कांग्रेस के 4 मंत्री शपथ ले सकते हैं जबकि जीतन राम मांझी के खेमे से एक और एक निर्दलीय विधायक को भी मंत्री बनाया जा सकता है। राज्यपाल से 16 अगस्त का समय मिल चुका है। इसके दो दिन बाद दो दिवसीय विधानसभा सत्र का आयोजन किया जाएगा।
खबर है कि सीएम नीतीश गृह विभाग अपने पास रखेंगे। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी वाले सभी विभाग RJD को ट्रांसफर होंगे। 25 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा, जिसके लिए 24-25 अगस्त को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष RJD से ही होगा।
ललन सिंह ने लालू यादव से मुलाकात का समय मांगा
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने आज लालू यादव से नई दिल्ली मुलाकात कर सकते हैं। इसके लिए ललन सिंह ने लालू यादव से मुलाकात का समय भी मांगा है। बताया जा रहा है कि ललन सिंह शाम चार बजे के करीब पटना से दिल्ली जाएंगे। लालू से मुलाकात के दौरान सरकार गठन के बारे में वे जानकारी देंगे। बताया जा रहा है कि 2015 के फार्मूले पर ही कैबिनेट का गठन किया जाएगा। जो बीजेपी कोटे के मंत्री थे, वे सभी आरजेडी को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। कुछ मसलों पर ललन सिंह दिल्ली में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करेंगे।
24-24 अगस्त को बुलाया जा सकता है विधानसभा का सत्र
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार के बाद 24-25 अगस्त को दो दिवसीय विधानसभा सत्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सबसे पहले नीतीश कुमार विश्वासमत हासिल करेंगे। इसके बाद विधानसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा जो भाजपा के विजय कुमार सिन्हा की जगह लेंगे। बता दें कि हाल ही में सदन में विजय सिन्हा और नीतीश कुमार के बीच विवाद हुआ था। जद (यू) के एक पदाधिकारी के मुताबिक, जल्द ही महागठबंधन में शामिल राजद, जदयू और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों के पदाधिकारियों से सलाह के बाद कैबिनेट का विस्तार कर दिया जाएगा।
नीतीश ने भाजपा की इस भविष्यवाणी को किया खारिज
उधर, नीतीश कुमार ने भाजपा की इस भविष्यवाणी को खारिज कर दिया कि नई सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा को इस बारे में अधिक चिंतित होना चाहिए कि क्या पार्टी 2025 के विधानसभा चुनावों में वापस आ जाएगी? बता दें कि पिछले बार 2015 के विधानसभा चुनाव में जद (यू), राजद और कांग्रेस ने एक साथ चुनाव लड़ा था। भाजपा को 2015 के चुनाव में महागठबंधन से हार का सामना करना पड़ा था और पार्टी के सिर्फ 53 विधायकों को जीत मिली थी।
बुधवार को लालू से नीतीश ने की थी बातचीत
बुधवार के शपथ ग्रहण से पहले नीतीश ने बीमार राजद प्रमुख लालू प्रसाद से बात की थी, जो वर्तमान में बेटी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती के दिल्ली आवास में रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि लालू के स्वास्थ्य के बारे में पूछने के अलावा नीतीश ने उनके साथ पोर्टफोलियो वितरण पर चर्चा की। जद (यू) के सूत्रों ने कहा कि नीतीश सभी महत्वपूर्ण गृह विभाग और सामान्य प्रशासन विभागों को अपने पास ही रखेंगे जबकि राजद को उन विभागों को ट्रांसफर कर दिया जाएगा जो पूर्व की सरकार में भाजपा के पास थे।
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