नई दिल्ली: वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ पहले टी-20 मैच के दौरान उमरान मलिक ने अपनी तूफानी गेंद से सनसनी मचा दी। उन्होंने 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार गेंद फेंकी जिस पर श्रीलंका के कप्तान दसुन शनाका आउट हो गए। इस तूफानी गेंद के साथ उमरान मलिक ने जसप्रीत बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ डाला। वह जवागल श्रीनाथ के बाद दूसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बन गए।
फेरारी की सवारी करने के लिए पैदा हुए हैं
उमरान ने आईपीएल में 157 की रफ्तार से गेंद फेंक चौंका दिया था। पिछले आईपीएल सीजन के अंत के बाद जब वह जम्मू में थे, तब उनकी यात्रा को करीब से देखने वाले पूर्व क्रिकेटर रमन थापलू ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। थापलू ने सनराइजर्स के आखिरी मैच के बाद डेल स्टेन से उमरान की बातचीत का खुलासा किया। थापलू ने याद कर कहा- गेंदबाजी कोच डेल स्टेन ने उमरान से कहा- आप फेरारी की सवारी करने के लिए पैदा हुए हैं, कभी भी फिएट पर स्विच न करें।
स्पीड से समझौता न करें
थापलू ने आगे कहा- "टॉम मूडी और मुथैया मुरलीधरन की सलाह थी कि वह कभी भी अपनी स्पीड से समझौता न करें क्योंकि यह उनका हथियार है जिससे वह बल्लेबाजों को आतंकित कर सकते हैं।" वहीं जम्मू कश्मीर के फील्डिंग कोच तन्मय श्रीवास्तव भी उमररान को देख दंग रह गए। उन्होंने मलिक की गेंदों को पकड़ने के लिए हर बार विकेटकीपर को दस्ताने में कांपते हुए देखा।
मैंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा
तन्मय ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया- हम मोहाली में विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे थे और यह पहली बार था जब मैंने एक विकेटकीपर और स्लिप को इतनी दूर खड़े देखा। हम ड्रेसिंग रूम में बैठे हैं और आप गेंद के विकेटकीपर के दस्तानों से टकराने की आवाज साफ सुन सकते थे। मैंने अपने करियर में ऐसा कभी नहीं देखा। तन्मय ने यह भी बताया कि तैराक जैसी काया वाले एक फुर्तीले मलिक इतनी गति क्यों पैदा कर पाते हैं। "उन्होंने कहा उनमें सुपीरियर जीन है। उनमें एक प्राकृतिक प्रतिभा है। उसका रन-अप वह है जहां से वह उस स्पीड को पैदा करता है। उसके कदम एक धावक की तरह हैं। इससे उसे गति मिलती है। उन्हें करीब से देखने के बाद मुझे यही बात पता चली।