Harmanpreet Kaur: यूं ही कोई हरमतनप्रीत कौर नहीं बन जाता....। जी हां, यह सोलह आने सच है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मुकाबले से पहले भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत बुखार से तप रही थीं। इसके बाद तो उनके मैच खेलने को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया।
दावा किया जाने लगा कि अगर हरनमप्रीत कौर मैच नहीं खेलेंगी तो उप कप्तान स्मृति मंधाना को टीम की कमान सौंपी जाएगी। लेकिन हरमन ने हार नहीं मानी। उन्होंने बुखार को मात दी और शाम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेलने पहुंच गईं। हरमनप्रीत की अगुवाई में भारतीय टीम ने पाकिस्तान, वेस्टइंडीज और आयरलैंड को हराया था।
हरमन ने 33 गेंद में पूरे किए 50 रन
हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ सेमीफाइनल मुकाबले में 33 गेंदों में 6 चौके-1 छक्का ठोक 51 रन बनाए लिए थे। लेकिन 15वें ओवर में वे आउट हो गईं। उन्होंने बॉल को स्क्वेयर लेग की ओर स्वीप किया। एक रन ले चुकी थीं, दूसरे रन के लिए भागीं, लेकिन क्रीज तक नहीं पहुंच सकीं।
उन्हें एलिसा हीली ने गिल्लियां बिखेर कर आउट कर दिया। एक बार तो हरमन की बल्लेबाजी देख ऑस्ट्रेलियाई खेमे में चिंता की लकीरें दिख रही थीं। लेकिन जैसे ही वे आउट हुईं, उनके खेमे में खुशी बिखर गई।
पाकिस्तान के खिलाफ किया था डेब्यू
हरमनप्रीत कौर का पूरा हरमनप्रीत कौर भुल्लर है। उनका जन्म 8 मार्च 1989 को पंजाब के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। हरमन के पिता हरमंदर सिंह एक कोर्ट में क्लर्क रह चुके हैं। वे बास्केटबॉल और वॉलीबॉल के खिलाड़ी भी थे। हरमन ने स्कूली दिनों से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने पाकिस्तान महिला टीम के खिलाफ 20 साल की उम्र में 2009 में वनडे मैच से डेब्यू किया था।