India vs England: भारत के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने कमाल कर दिखाया है। जायसवाल ने इंग्लैंड को अकेले ही धूल चटा दिया है। जायसवाल ने विशाखापट्टनम टेस्ट में अपने करियर का पहला दोहरा शतक जड़ दिया है। यशस्वी की यह पारी इस बात का आगाज करता है कि टीम को अपने कंधों पर लेकर निकलने वाला युवा खिलाड़ी भारतीय टीम को मिल चुका है। एक ओर जहां बड़े से बड़े धुरंधर एक अर्धशतक भी नहीं जड़ पाए, उसी मैदान पर यशस्वी ने दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। जायसवाल ने 277 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया है।
जायसवाल ने उठाई पूरी टीम की जिम्मेदारी
इस पारी के दौरान जायसवाल के बल्ले से 18 चौके और 7 छक्के निकले हैं। भारतीय टीम काफी मजबूत स्थिति में दिख रही है। इसका एकमात्र कारण यशस्वी जायसवाल हैं। पहले टेस्ट मैच में हार के बाद दूसरे टेस्ट में ऐसा लगा था कि भारत के बल्लेबाज वापसी करेंगे। लेकिन जायसवाल की पारी को छोड़ दें, तो एक भी बल्लेबाज पचासा नहीं जड़ सका है। ऐसे में जायसवाल की यह पारी सबसे खास है। भारत के मैदान पर यशस्वी ने अपना पहला शतक जड़ा और उसी शतक को अब दोहरा शतक में तब्दील कर दिया है। इस ऐतिहासिक पारी के लिए बल्लेबाज की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है।
भारतीय टीम को 500 पहुंचाना लक्ष्य
जायसवाल ने जिस कदर अपनी टीम को पहले ही दिन से संभाल रखा है। इससे ऐसा लग रहा है कि वह एक अनुभवी सिनियर खिलाड़ी हैं। लेकिन यशस्वी ने एक युवा खिलाड़ी होकर भारतीय टीम की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा रखा है। इस दोहरा शतक के साथ ही जायसवाल ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। जायसवाल की पूरी कोशिश होगी कि भारत का स्कोर 500 रन के पार किया जा सके। अगर जायसवाल यह करने में कामयाब होते हैं, तो टीम इंडिया मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगी।