मीराबाई चानू मेडल के बेहद करीब आकर चूक गईं। उनका कुल वजन 199 किलो रहा। इससे वह ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सुरोडचना खंबाओ से महज 1 किग्रा पीछे रह गईं।
टोक्यो ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट होउ झिहुई ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 117 किग्रा वजन उठाया। झिहुई ने कुल 206 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। रोमानिया की मिहेला वेलेंसिया कैम्बे कुल 205 किग्रा के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। उन्हें सिल्वर मेडल मिलेगा। जबकि ब्रॉन्ज मेडल थाईलैंड की सुरोडचना खंबाओ को मिलेगा। उन्होंने कुल 200 किग्रा वजन उठाया।
मीराबाई चानू का तीसरे प्रयास असफल रहा। वह 114 किलो वजन नहीं उठा पाईं। मीराबाई चानू के तीन में से दो अटैम्प्ट विफल रहे। वह नंबर-4 पर रहेंगी। इससे भारत का मेडल जीतने का सपना टूट गया है।
रोमानिया की मिहेला वेलेंसिया गोल्ड की प्रबल दावेदार बन गई हैं। वह कुल 205 किलो वजन उठाकर नंबर-1 पर पहुंच गई हैं।
मीराबाई चानू को दूसरे प्रतिद्वंद्वियों से लगातार चुनौती मिल रही है। वह फिलहाल चौथे स्थान पर हैं।
जापान की रीरा सुजुकी का दूसरा प्रयास विफल रहा। उन्होंने 112 किलो वजन उठाने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो सकीं।
मीराबाई चानू ने क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने 111 किलो वजन उठा लिया है। मीराबाई के पास कुल 196 किलो वजन हो गया है। फिलहाल वह नंबर-3 पर आ गई हैं और मेडल की रेस में बनी हुई हैं।
मीराबाई चानू क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में विफल रहीं। वह 111 किलो वजन नहीं उठा पाईं। अब उनके पास दो और मौके हैं।
मीराबाई चानू क्लीन एंड जर्क में मुकाबले के लिए आ गई हैं। वह 111 किलो वजन उठाएंगी।
चीन की होउ झिहुई कड़ी चुनौती पेश कर रही हैं। टोक्यो ओलंपिक्स की गोल्ड मेडलिस्ट और वर्ल्ड चैंपियन झिहुई कुल 199 किग्रा वजन उठाकर संयुक्त रूप से नंबर-1 पर आ गई हैं। ये वही होउ झिहुई हैं, जिन्हें लेकर टोक्यो ओलंपिक्स में हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी। कहा गया था कि उनका डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आया है। इसलिए मीराबाई चानू को गोल्ड दिया जा सकता है। हालांकि बाद में ये दावा गलत साबित हुआ।
जापान की रीरा सुजुकी ने 108 किग्रा वजन उठा लिया है। उन्होंने समय खत्म होने से एक सेकंड पहले ये कारनामा किया। हालांकि अभी वह चौथे स्थान पर हैं।
करोड़ों देशवासियों को मीराबाई चानू की पहली लिफ्ट का इंतजार है। उन्होंने 111 किग्रा वजन का दावा किया है।
मीराबाई ने चुनौतियों को कड़ा होते देख अपने वजन को बढ़ा लिया है। अपने पहले प्रयास में वह 111 किलो वजन उठाएंगी। डोमिनिक रिपब्लिक की बियत्रिस पाइथ्रोन ने 107 किलो वजन उठा लिया है। इसके साथ ही मीरा बाई चानू के लिए चुनौती कड़ी होती दिख रही है।
चीनी ताइपे की फेंग वैन लिन ने हालांकि 106 किलो वजन उठा लिया था, लेकिन रेफरी से उन्हें क्लीन चिट नहीं मिली है। अब उन्हें दूसरे प्रयास के लिए आना होगा।
रोमानिया की मिहेला वेलेंसिया ने 106 किलो वजन उठाकर पहला स्थान हासिल कर लिया है। मीराबाई चानू को इनसे कड़ी चुनौती मिल सकती है।
अभी मीराबाई की बारी का हमें थोड़ा इंतजार करना होगा। दरअसल उन्होंने 107 किलो उठाने का फैसला लिया है। बाकी जिन वेटलिफ्टर्स ने कम वजन चुना है, अभी उनका कंपीटिशन चल रहा है।
मीराबाई चानू क्लीन एंड जर्क में 107 किलो वजन उठाएंगी। ज्वाइंट रूप में यह दूसरे नंबर पर होगा। अगर वह यह वजन उठाती हैं तो पदक की दावेदार बनी रहेंगी।
मैडागास्कर की वेटलिफ्टर ने 100 किलो वजन उठाकर क्लीन एंड जर्क की शुरुआत की है। हालांकि वह पोडियम से काफी दूर रहेंगी। वह ओलंपिक में अपने देश के लिए फ्लैग बियरर रहीं हैं।
स्नैच कैटेगरी में मीराबाई ने 88 किलो वजन उठाया है। अब क्लीन एंड जर्क में मीराबाई अपनी चुनौती शुरू करेंगी। यह उनका मजबूत पक्ष माना जाता है।
आज मीराबाई चानू का जन्मदिन है। देशवासियों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। साथ ही इतिहास रचने के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।