Why the ICC Renamed World T20 As T20 World Cup: जब साल 2007 में पहली बार क्रिकेट सबसे छोटे फॉर्मेट का ग्लोबल टूर्नामेंट खेला गया था तब वो 'वर्ल्ड टी-20' कहलाता था, कई एडिशन तक ये सिलसिला चलता रहा, लेकिन 2020 में अचानक फैसला लिया गया कि अब से इस मेगा इवेंट का नाम 'टी-20 वर्ल्ड कप' होगा. ये नियम मेंस और वुमेंस दोनों क्रिकेट में लागू होगा. काफी यंग क्रिकेट फैंस के मन में ये सवाल उठता होगा कि आखिर ये फैसला क्यों लिया गया, इसके पीछे की असल वजह क्या है? आइए आज हम इस सवाल का जवाब दे रहे हैं.
'बेहतर प्रोफाइल'
नेम चेंज को लेकर आईसीसी ने कहा था कि नया नाम ग्लोबल स्टेज पर इवेंट की प्रोफाइल को बेहतर बनाएगा. गवर्निंग बॉडी के मुताबिक ये फैसला उसकी ग्लोबल क्रिकेट स्ट्रेटेजी के हिसाब से है. ये रणनीति टी20 क्रिकेट को गेम को ग्लोबलाइज़ करने और क्रिकेट के दूसरे बड़े फॉर्मेट्स के साथ उसकी अहमियत बढ़ाने के एक टूल के तौर पर देखती है.
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'स्ट्रक्चरल चेंजेज'
आईसीसी ने साफ किया था कि नाम बदलने से फॉर्मेट में स्ट्रक्चरल बदलाव भी दिखते हैं, जिसमें मेंबर देशों के बीच सभी टी-20 मैचों को इंटरनेशनल स्टेटस देना और सभी 100 से ज्यादा आईसीसी मेंबर्स के लिए एक रीजनल क्वालिफिकेशन पाथवे शुरू करना शामिल है.
'तीनों फॉर्मेट में बराबरी'
50-ओवर के ग्लोबल इवेंट को पहले ही वर्ल्ड कप का नाम दिया जा चुका है और 2019 में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप शुरू हुई थी. आईसीसी ने कहा कि इस कदम से तीनों फॉर्मेट में बराबरी एनश्योर होगी और इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर में टी-20 इवेंट की जगह पक्की होगी.
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टी-20 को भी अहमियत
इसे औपचारिक रूप से 'वर्ल्ड कप' का नाम देकर आईसीसी एक साफ मैसेज देना चाहता था कि टी-20 क्रिकेट अब कोई सेकेंडरी चीज नहीं है, बल्कि ये एक फ्लैगशिप प्रोडक्ट है जिसे खेल के लिए ग्लोबल ग्रोथ, सबको शामिल करने और लंबे समय तक रेलेवंट बने रहने के लिए डिजाइन किया गया है.