Space News: कुछ वर्ष पहले एक हॉलीवुड मूवी आई थी, जिसका नाम ‘इंटरस्टेलर’ था। साइंस फिक्शन पर आधारित इस मूवी ने रिलीज होते ही कई नए धमाकेदार रिकॉर्ड बना दिए थे। परन्तु क्या आप जानते हैं कि ‘इंटरस्टेलर’ किसे कहा जाता है। ऐसे ग्रहों के बारे में अभी मानव जाति को अधिक जानकारी नहीं हैं, फिर भी इन्हें ढूंढा जा रहा है और इन्हें समझने का प्रयास किया जा रहा है। आइए जानते हैं इस बारे में
वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे ग्रह जो किसी सौरमंडल के सदस्य नहीं है और अनंत, अथाह ब्रह्माण्ड में अकेले घूम रहे हैं, उन्हें ही इंटरस्टेलर कहा जाता है। इन्हें खानाबदोश ग्रह, दुष्ट ग्रह या अनाथ ग्रह भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि ये किसी भी सौरमंडल या सूर्य से बंधे नहीं होते। बहुत बार इनके अपने उपग्रह (चंद्रमा) भी नहीं होते हैं। अब तक एकत्रित किए गए आंकड़ों के अनुसार ऐसे ग्रहों की संख्या सौर मंडल वाले ग्रहों से कई गुणा ज्यादा हो सकती है।
यह भी पढ़ें: शनि और गुरु के चन्द्रमाओं पर भी आते हैं भूकंप, NASA ने बताया यह कारण
कैसे बनते हैं ‘इंटरस्टेलर’ ग्रह
अभी इस बारे में वैज्ञानिक पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो पाए हैं लेकिन कई वे धारणाओं पर काम कर रहे हैं। पहली परिकल्पना तो यही है कि ऐसे ग्रह तारों के आसपास पैदा हुए होंगे फिर बाद में किसी कारण से सौर मंडल से बाहर निकल गए होंगे। दूसरी परिकल्पना के अनुसार सूर्य और ग्रह के बीच गुरुत्वाकर्षण बल बहुत ही कमजोर होता है। ऐसे में ग्रह सौर मंडल में बंध कर नहीं रह पाता और अपने मूल तारे से अलग होकर अंतरिक्ष में स्वतंत्र रूप से भटकने लगते हैं।
क्या ‘इंटरस्टेलर’ ग्रहों पर जीवन हो सकता है?
अभी इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। हालांकि ऐसे ग्रहों पर क्या परिस्थिति होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार (Space News) ऐसे ग्रह बहुत ज्यादा ठंडे और अंतहीन अंधकार से भरे होते हैं। ऐसे में जीवन का पनपना कठिन होता है। किसी भी ग्रह पर जीवन के लिए रोशनी का होना अनिवार्य है, लेकिन पृथ्वी के समुद्रों में भी कुछ ऐसी प्रजातियां मिली हैं जो घुप्प अंधेरे में जीवित रह सकती हैं।
यह भी पढ़ें: वैज्ञानिकों को मिला जवाब कि पहले मुर्गी आई या अंडा, आप भी जानिए यहां पर
क्या हमारे सौरमंडल का भी कोई ग्रह बन सकता है इंटरस्टेलर
भविष्य में जब कभी सूर्य का अंत होगा, तब सौरमंडल के सभी ग्रह या तो सूर्य की ओर खिंचे चले आएंगे और नष्ट हो जाएंगे या वे अलग तरह से व्यवहार करने लगेंगे। सौरमंडल के सबसे आखिर में स्थित प्लूटो जैसे ग्रह संभवतया उस समय सौरमंडल से बाहर निकल सकते हैं और खानाबदोश ग्रह की तरह भटक सकते हैं।
यदि पृथ्वी के साथ ऐसा हो तो
इस बात की संभावनाएं कम हैं कि पृथ्वी कभी खानाबदोश ग्रह बनेगी। परन्तु यदि कभी ऐसा होता है तो पृथ्वी पर भी रोशनी और गर्मी दोनों खत्म हो जाएंगी। ऐसे में अधिकांश जीवन समाप्त हो जाएगा। हालांकि अंधेरे और ठंड में रहने वाले जीव उस समय भी जीवित रह सकते हैं।
संबंधित खबरें
खतरे में है कैलिफोर्निया! प्रशांत महासागर में पनप रहा है El Nino, तबाह हुआ समुद्र तट
18 hrs agoSpaceX का सुपर हैवी रॉकेट Starship लॉन्च, वहां जाने का इरादा जहां पहले कोई इंसान न पहुंचा हो
4 days agoसोलर सिस्टम के बाहर भी है जीवन? पृथ्वी से 63 प्रकाश-वर्ष दूर एक ग्रह पर मिले रहस्यमय रेडियो सिग्नल
6 days agoAI बताएगा बारिश का हाल, लेकिन 2070 की तैयारी आज से करनी होगी
7 days agoCyclone Arnab: चक्रवात का कैसे पड़ा नाम 'अर्नब', क्या मचाने वाला है कोहराम? अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम
10 days ago'पृथ्वी पर किस चीज को हम लेते हैं फॉर ग्रांटेड, जो स्पेस में नहीं?' सुनीता विलियम्स ने दिया इस सवाल का मजेदार जवाब
23 days agoमौसम का सितम नहीं झेल पाएंगे भारत के ये शहर! दुनिया के टॉप 20 'डेंजर' सिटी में शामिल है नाम
24 days ago'बेबुनियाद और गलत', ISRO ने निजीकरण की अफवाहों पर दिया करारा जवाब, जानिए क्या है पूरा मामला?
26 days agoISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, 'नॉटी ब्वॉय' GSLV-F17 के साथ लॉन्च हुआ 'बाज' सैटेलाइट EOS-05, दुश्मन की हरकतों पर रखेगा नजर
29 days ago1.5 डिग्री गर्म होने की कगार पर धरती, भारत पर मंडरा रहा कौन सा बड़ा खतरा? UN की रिपोर्ट ने बजाई खतरे की घंटी
29 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines