हाल ही हुई एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि HIV वायरस लंबे समय तक हमारे मस्तिष्क में निष्क्रिय पड़ा रह सकता है। यदि समय से पहले इसका उपचार बंद कर दिया जाए तो एड्स का संक्रमण फिर बढ़ सकता है। अपने जीवन चक्र के एक भाग के रूप में, ह्यूमन इम्यूनोडिफीसिअन्सी वायरस -1 (एचआईवी) अपने डीएनए की एक प्रति मानव प्रतिरक्षा कोशिकाओं में सम्मिलित करता है। इन नव-संक्रमित प्रतिरक्षा कोशिकाओं में से कुछ लंबे समय तक एक निष्क्रिय, अव्यक्त अवस्था में संक्रमण कर सकते हैं, जिसे एचआईवी विलंबता कहा जाता है।
वर्तमान में मौजूद उपचार, जैसे कि वर्तमान एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART), एड्स के वायरस को आगे बढ़ने से सफलतापूर्वक रोक सकते हैं, परन्तु उसे पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकते हैं। यदि उपचार कभी बंद कर दिया जाता है, तो वायरस वापस आ सकता है और एड्स की ओर ले जा सकता है। इसी कारण वैज्ञानिक इस बात की खोज कर रहे हैं कि ये गुप्त कोशिकाएं वास्तव में शरीर में कहां छिपी हैं।
यह भी पढ़ें: ‘सिल्क रोड डिसीज’ ऐसी बीमारी जो व्यक्ति को कर देती है लाचार
जर्नल ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि माइक्रोग्लियल कोशिकाएं – जो मस्तिष्क में एक दशक लंबे जीवन काल के साथ विशेष प्रतिरक्षा कोशिकाएं हैं – छिपे हुए एचआईवी वायरस के लिए एक स्थिर वायरल रिजर्वायर के रूप में काम कर सकती हैं। नॉर्थ कैरोलीना विश्वविद्यालय में एचआईवी क्योर सेंटर के सदस्य और संक्रामक रोग विभाग में मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर तथा अध्ययन रिपोर्ट के प्रथम लेखक युयांग तांग ने कहा, अब हम जानते हैं कि माइक्रोग्लियल कोशिकाएं एक सतत मस्तिष्क रिजर्वायर के रूप में काम करती हैं।
टैंग ने कहा, इस पर अतीत में संदेह किया गया था, लेकिन इंसानों में प्रमाण की कमी थी। व्यवहार्य मस्तिष्क कोशिकाओं को अलग करने की हमारी विधि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के रिजर्वायर पर भविष्य के अध्ययन के लिए एक नया ढांचा प्रदान करती है, और अंतत:, एचआईवी के उन्मूलन की दिशा में प्रयास करती है। अब जबकि शोधकर्ताओं को पता है कि अव्यक्त एचआईवी मस्तिष्क में माइक्रोग्लिअल कोशिकाओं में शरण ले सकता है, वे अब इस प्रकार के रिजर्वायर को लक्षित करने की योजना पर विचार कर रहे हैं।
यूएनसी डिपार्टमेंट ऑफ बायोकैमिस्ट्री एंड बायोफिजिक्स में सहायक प्रोफेसर, वरिष्ठ लेखक गुओचुन जियांग ने कहा, एचआईवी बहुत स्मार्ट है। समय के साथ, यह अपनी अभिव्यक्ति के एपिजेनेटिक नियंत्रण के लिए विकसित हुआ है, प्रतिरक्षा निकासी से मस्तिष्क में छिपाने के लिए वायरस को शांत कर रहा है। हम अद्वितीय तंत्र को खोलना शुरू कर रहे हैं जो मस्तिष्क माइक्रोग्लिया में एचआईवी की विलंबता की अनुमति देता है।
संबंधित खबरें
11 अक्टूबर को धरती से टकरा सकता जबरदस्त सौर तूफान, भारत पर क्या होगा असर?
2 days agoसुपर-डुपर अल नीनो मजबूत, धरती के बड़े हिस्से में बढ़ेगी गर्मी
4 days agoफ्रांसिस हैल्जेन ने जीता फिजिक्स का नोबेल प्राइज 2026
6 days ago'ऑप्टोजेनेटिक्स' पर काम करने वाले 3 साइंटिस्ट्स को मेडिसिन में नोबेल प्राइज
7 days agoखतरे में है कैलिफोर्निया! प्रशांत महासागर में पनप रहा है El Nino
10 days agoSpaceX का रॉकेट Starship लॉन्च, वहां जाने का इरादा जहां कोई इंसान न गया हो
14 days agoअंतरिक्ष में मिल गया जीवन? करोड़ों किमी दूर एक ग्रह से आ रहे रेडियो सिग्नल
16 days agoAI बताएगा बारिश का हाल, लेकिन 2070 की तैयारी आज से करनी होगी
17 days agoचक्रवात का कैसे पड़ा नाम 'अर्नब', क्या मचाने वाला है कोहराम?
20 days agoSunita Williams: 'पृथ्वी पर किस चीज को हम लेते हैं फॉर ग्रांटेड, जो स्पेस में नहीं?'
33 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines