Vivah Muhurart in March 2025: हिंदू धर्म में विवाह को 16 संस्कारों में एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। इसे केवल एक सामाजिक बंधन ही नहीं, बल्कि धार्मिक, आध्यात्मिक और मांगलिक अनुष्ठान के रूप में देखा जाता है। विवाह संस्कार का उद्देश्य न केवल पति-पत्नी के बीच पवित्र संबंध स्थापित करना है, बल्कि यह धर्म, समाज और कर्तव्यों की पूर्णता का प्रतीक भी होता है। साथ ही, हिंदू मान्यता के अनुसार, विवाह दो आत्माओं का मिलन होता है, जो जन्मों-जन्मों तक एक-दूसरे के साथ रहते हैं।
यही कारण है कि विवाह के लिए शुभ मुहूर्त देखना अनिवार्य माना गया है, ताकि शुभ मुहूर्त में हुआ विवाह को पति, पत्नी और परिवार के संबंध को सुखी, समृद्ध और मंगलमय बनाने में सहायक होता है। हिंदू ज्योतिष में माना जाता है कि विवाह के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति वर-वधू के जीवन पर प्रभाव डालती है। सही मुहूर्त में विवाह करने से दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। अशुभ समय में विवाह करने से जीवन में अनचाही परेशानियां, मतभेद या अन्य बाधाएं आ सकती हैं। शुभ मुहूर्त इनसे बचाव करता है।
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मार्च में इन 5 तिथियों में होंगे शुभ विवाह
मार्च महीने में केवल 5 दिन ही ऐसे हैं जब शादी के लिए शुभ नक्षत्र और योग उपलब्ध हैं। ये तिथियां हैं: 1, 2, 6, 7, और 12 मार्च। इन दिनों में शुभ नक्षत्र और योग के संयोग से विवाह के लिए अनुकूल समय माना गया है। बता दें कि 14 मार्च, 2025 तक फाल्गुन मास रहेगा और इसके बाद चैत्र मास का कृष्ण पक्ष आरंभ हो जाएगा। ज्योतिषियों और पंडितों के मुताबिक, मार्च महीने में शादी के लिए शुभ मुहूर्त की कमी का कारण नक्षत्रों और योगों की अशुभ स्थिति है।
मार्च की अधिकांश तिथियां हैं दूषित
मार्च महीने में केवल 5 दिन ही शादी की शहनाइयां बजेंगी, इसका कारण है कि इस महीने के 31 दिनों में से 24 दिन कोई-न-कोई ज्योतिषीय बाधा विवाह के लिए शुभ मुहूर्त में बाधा बन रही है। पंचांग के अनुसार:
- इस महीने के पहले पक्ष में 7 तारीखों को कोई शुभ नक्षत्र उपलब्ध नहीं है।
- मार्च माह का एक दिन यानी 11 मार्च को विवाह के लिये शुभ नक्षत्र का बहुत कम समय उपलब्ध है, जिसमें विवाह संपन्न नहीं हो सकता है।
- इस महीने की 5 मार्च और 13 मार्च, 2025 को वर्जित योग दिन के अधिकांश भाग को दूषित कर रहा है।
- वहीं 14 मार्च को वर्जित सौर मास के साथ दिन का आंशिक रूप से अधिव्यापन हो रहा है।
- 15 मार्च, 2025 से चैत्र मास की शुरुआत हो रही, जिसके अधिकांश दिन वर्जित सौर मास के रूप में माना गया है, जिसमें विवाह करना अशुभ माना जाता है।
इसके अलावा, 19 से 23 मार्च, 2025 तक शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे। शुक्र एक बेहद शुभ ग्रह हैं, जो वैवाहिक जीवन के सुख के स्वामी ग्रह हैं। इनके अस्त होने की अवस्था में भी विवाह करना वर्जित माना गया है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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