हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

शीतला अष्टमी के दिन माता को क्यों लगाया जाता है बासी भोजन का भोग? जानें महत्व और मान्यता

Sheetala Ashtami 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाने का विधान है। साथ ही उस दिन बासी भोजन भी ग्रहण किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है ऐसा क्यों होता है अगर, नहीं तो आज इस खबर में जानेंगे कि शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का भोग क्यों लगाया जाता है।

विज्ञापन

Sheetala Ashtami 2024:  सनातन धर्म में हर एक पर्व का अपना एक महत्व होता है। इस समय चैत्र का महीना चल रहा है और चैत्र माह में कई छोटे-बड़े पर्व आते हैं। ऐसे में 2 अप्रैल आज शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाएगा। बता दें कि शीतला अष्टमी हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीतला अष्टमी को बसौड़ा अष्टमी, बसोड़ा जैसे कई नामों से जाना जाता है। बता दें कि शीतला अष्टमी के दिन मां पार्वती के स्वरूप मां शीतला की पूजा की जाती है।

शीतला अष्टमी का पर्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीतला अष्टमी के दिन घर में ताजा भोजन नहीं बनाया जाता है। बता दें कि इस दिन मां शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। शीतलाष्टमी के एक दिन पहले ही भोजन बना लिया जाता है और अगले दिन यानी शीतला अष्टमी के दिन मां शीतला को भोग अर्पित किया जाता है। साथ ही इस दिन सभी लोग बासी भोजन का प्रसाद ही ग्रहण करते हैं। तो आज इस खबर में जानेंगे कि शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को बासी भोजन का ही क्यों भोग लगाया जाता है। इसके पीछे का धार्मिक महत्व क्या है। आइए विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन

बासी भोजन का भोग लगाने का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता शीतला को बासी बासी भोजन बहुत ही प्रिय है। इसलिए शीतला अष्टमी के एक दिन पहले रबड़ी, हलवा, पकौड़ी, पुआ, चावल, मीठे खीर, पूरी और भी सभी तरह के पकवान बनाए जाते हैं। उसके बाद अगले दिन माता शीतला को पूजा के दौरान अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन का भोग लगाते हैं उन्हें निरोग रहने का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही मां शीतला  हमेशा साधक पर मेहरबान रहती है।

यह भी पढ़ें- अप्रैल के मध्य तक सूर्य के साथ रहेंगे शुक्र देव, तब तक ये 3 राशियों की रहेगी मौज

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- कब है सोमवती अमावस्या, जानें स्नान करने की शुभ तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

यह भी पढ़ें-  सवा 4 घंटे तक रहेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन 5 राशि के लोगों के लिए बेहद शुभ

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola