इस्लाम धर्म में शब-ए-बारात को बहुत ही पाक और अहम त्योहार माना जाता है. यह त्योहार मुख्य रूप से माफी और रहमत का दिन है जब मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी गलतियों के लिए खुदा से माफी मांगते हैं. इस साल शब-ए-बारात की तारीख को लेकर लोगों में कुछ उलझन है पर कैलेंडर के मुताबिक यह त्योहार 3 फरवरी की रात को शुरू होगा और 4 फरवरी को इसका समापन होगा. हिजरी कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की 14वीं और 15वीं तारीख के बीच की यह रात इबादत के लिए सबसे उत्तम मानी गई है. इस खास मौके पर लोग अपने दुश्मनों को भी गले लगाकर पुरानी रंजिशें खत्म कर देते हैं.
शब-ए-बारात का महत्व
शब-ए-बारात के महत्व को लेकर मान्यता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों के लिए रहमत के दरवाजे खोल देते हैं. लोग पूरी रात जागकर नमाज पढ़ते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और अपने गुनाहों की तौबा करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस मुकद्दस रात में अल्लाह आने वाले साल के लिए लोगों का नसीब तय करते हैं. इसी वजह से मुस्लिम परिवार इस रात को आत्मचिंतन और नेक रास्ते पर चलने के संकल्प के साथ मनाते हैं. यह रात इंसान को अपनी रूहानी शुद्धि करने और खुदा के करीब जाने का एक बेहतरीन मौका देती है.
परंपराओं का संगम
इस त्योहार की रस्में रात होते ही शुरू हो जाती हैं जब घरों में खुशियों का माहौल रहता है. मेहमानों का स्वागत तरह-तरह के शरबतों और मिठाइयों से किया जाता है. शब-ए-बारात की एक प्रमुख परंपरा यह भी है कि लोग कब्रिस्तान जाकर अपने उन बुजुर्गों और रिश्तेदारों के लिए दुआ पढ़ते हैं जो अब इस दुनिया में नहीं हैं. कब्रों पर चिराग जलाए जाते हैं और उनके हक में मगफिरत की दुआ की जाती है. घरों में हलवा और अन्य पकवान बनाकर गरीबों में बांटने की भी पुरानी रस्म है जिससे आपसी भाईचारा और बढ़ता है.
2026 में शब-ए-बारात की सही जानकारी
इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह से चांद दिखने पर आधारित होता है इसलिए अंग्रेजी तारीखें हर साल बदलती रहती हैं. साल 2026 में शाबान का महीना शुरू होने के साथ ही यह साफ हो गया है कि 3 फरवरी की शाम से ही इबादत की रात शुरू हो जाएगी. जो लोग रोजा रखना चाहते हैं वे शाबान की 15वीं तारीख यानी 4 फरवरी को रोजा भी रखते हैं. इस त्योहार का मूल संदेश इंसानियत की भलाई और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण है. यह रात हमें सिखाती है कि माफी मांगना और दूसरों को माफ करना ही इंसान का सबसे बड़ा गुण है.
संबंधित खबरें
Karwa Chauth 2026 Date: कब रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत? नोट कर लें सही तारीख और चंद्रोदय का समय
10 hrs agoShri Pitar Ji ki Aarti: पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण के बाद जरूर करें पितरों की आरती, यहां पढ़ें श्री पितृ आरती
13 hrs agoVideo: पितृदोष से सावधान! परेशानियों से घिर जाएगा आपका खुशहाल जीवन, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए
15 hrs agoKaalchakra: पिंडदान करना क्यों माना जाता है महादान? पंडित सुरेश पांडेय से जानिए इसका महत्व
16 hrs agoPitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान क्या सच में पृथ्वी पर आते हैं पूर्वज? जानिए दानवीर कर्ण से जुड़ी पौराणिक कथा
17 hrs agoSarva Pitru Amavasya 2026: कब है सर्वपितृ अमावस्या? जानिए सही तारीख और श्राद्ध कर्म के लिए शुभ मुहूर्त
18 hrs agoDurga Puja 2026: कब है दुर्गा पूजा 2026? नोट कर लें शुरुआत से लेकर विसर्जन तक की तारीख
20 hrs agoChanakya Niti: खुशहाल जीवन को मुश्किलों से भर सकते हैं 4 तरह के लोग, आचार्य चाणक्य के श्लोक से जानें
1 day agoSwapna Shastra: कैसा होता है सपने में पितरों का दिखना? जानिए उनके हंसने-रोने और खाना मांगने का मतलब
1 day agoVideo: पितृ पक्ष में जरूर करें तिल और कुशा का उपाय, पितरों के प्रसन्न होने से घर आएगी खुशहाली
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines