Shubh Muhurat Jyeshtha 2025: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। गृह प्रवेश और विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए पंचांग शुद्धि के आधार पर शुभ तिथि, नक्षत्र, और समय का चयन करना आवश्यक होता है। ज्येष्ठ मास, जो हिंदू पंचांग के अनुसार मई-जून के महीने में आता है, गृह प्रवेश और विवाह के लिए शुभ माना जाता है।
साल 2025 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत 13 मई से हो चुकी है। ज्येष्ठ मास हिंदू चंद्र कैलेंडर का तीसरा महीना है। इस माह दौरान कई शुभ नक्षत्र और तिथियां उपलब्ध होती हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ 2025 में गृह प्रवेश के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जबकि विवाह के लिए सीमित लेकिन महत्वपूर्ण मुहूर्त हैं।
ज्येष्ठ माह में गृह प्रवेश के लिए मुहूर्त
गृह प्रवेश एक महत्वपूर्ण हिंदू अनुष्ठान है, जो नए घर में प्रवेश करने से पहले सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को आमंत्रित करने के लिए किया जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह 2025 में गृह प्रवेश के लिए तीन प्रमुख अवसर हैं। सबसे पहले, 29 मई 2025 को गुरुवार सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र और शुक्ल तृतीया तिथि में सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ एक अत्यंत शुभ मुहूर्त है, जो वास्तु शांति पूजा के लिए अच्छा है।
दूसरा, 4 जून 2025 को बुधवार रात 11:54 बजे से 5 जून सुबह 3:35 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और शुक्ल अष्टमी तिथि में अभिजित मुहूर्त के साथ गृह प्रवेश सुख-समृद्धि का प्रतीक होगा। अंत में, 6 जून 2025 को शुक्रवार सुबह 6:34 बजे से 7 जून सुबह 4:47 बजे तक चित्रा नक्षत्र और शुक्ल दशमी तिथि में एक और शुभ मुहूर्त उपलब्ध है, जो हवन और पूजन के लिए उपयुक्त है।
इस समय पर करना चाहिए गृह प्रवेश
गृह प्रवेश के लिए ज्येष्ठ, वैशाख, माघ, और फाल्गुन महीने अच्छे माने गए हैं। वहीं, रिक्ता तिथियां जैसे चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा और शनिवार को गृहप्रवेश न करें। गृह प्रवेश से पहले वास्तु शांति पूजा और हवन करवाएं, ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो और सकारात्मकता का संचार हो। इसके साथ ही रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा भाद्रपद, और चित्रा नक्षत्र गृह प्रवेश के लिए शुभ हैं।
ज्येष्ठ माह में विवाह मुहूर्त
विवाह हिंदू संस्कृति में सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ 2025 में विवाह के लिए मुहूर्त सीमित हैं, क्योंकि यह महीना विवाह के लिए कम प्राथमिकता वाला माना जाता है। इसके बाद भी, दो शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो पंचांग शुद्धि और लग्न शुद्धि के आधार पर चुने गए हैं।
पहला मुहूर्त 29 मई 2025 को गुरुवार रात 8:15 बजे से 10:30 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र और शुक्ल तृतीया तिथि में है, जिसमें लग्न शुद्धि के साथ शुभ योग वैवाहिक जीवन को सौभाग्यशाली बनाएगा। दूसरा मुहूर्त 6 जून 2025 को शुक्रवार रात 9:45 बजे से 11:55 बजे तक चित्रा नक्षत्र और शुक्ल दशमी तिथि में है, जो छोटे और सादगीपूर्ण विवाह समारोहों के लिए उपयुक्त है।
विवाह से पहले ध्यान रखें ये बातें
विवाह मुहूर्त में नक्षत्र, तिथि, और लग्न की शुद्धि अनिवार्य है। ज्येष्ठ में कुछ तिथियां जैसे, रिक्ता तिथियां और अमावस्या विवाह के लिए अशुभ हैं। वहीं, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, और चित्रा नक्षत्र विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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