पुरी में चल रही जगन्नाथ रथ यात्रा में करीब 1500 लोगों ने ह्यूमन चेन बनाकर एंबुलेंस को रास्ता दिया।
watch | Odisha: Around 1500 BJP Yuva Morcha volunteers formed a human chain amidst the massive gathering during the Lord Jagannath rathyatra in Puri to ensure a clear path for ambulances, showcasing their dedication to public service.
Source: BJP Yuwa Morcha pic.twitter.com/mCJyUsyfW9
— ANI (@ANI) June 27, 2025
पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा बेहद धूमधाम से निकाली जा रही है। इस दौरान हजारों की संख्या में भक्त प्रभु के दर्शन को मौजूद हैं।
Hindus in Bangladesh celebrate Rath Yatra
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पुरी में चल रही भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में सबसे पहले प्रभु बलभद्र का रथ खींचा गया, इसके बाद अब देवी सुभद्रा के रथ को खींचा गया है। जल्द ही प्रभु जगन्नाथ जी के रथ को खींचा जाएगा।
मणिपुर इम्फाल में रथयात्रा को कांग चिंगबा कहा जाता है। यह यहां का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे पुरी की रथयात्रा की तरह ही सेलिब्रेट किया जाता है।
watch | Manipur: Lord Jagannath’s rathyatra, also known as ‘Kang Chingba’ festival, begins in Imphal.
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वडोदरा जगन्नाथ यात्रा में ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी की अचानक से तबियत बिगड़ गई। उसे घबराहट और उल्टी की शिकायत थी। इस कारण उन्हें सयाजी अस्पताल ले जाया गया, यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतक कांस्टेबल हरनी थाने में तैनात था।
पणजी में आयोजित श्रीजगन्नाथ रथयात्रा में सीएम प्रमोद सावंत शामिल होकर प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा की।
watch | Goa CM Pramod Sawant attends the Shree Jagannath rathyatra, in Panaji. pic.twitter.com/cwwnaJFSkk
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उदयपुर में भगवान जगन्नाथ मंदिर से बाहर आ चुके हैं। उनके बाहर आते ही उन्हें 21 बंदूकों से सलामी दी गई। राजघराने के पूर्व सदस्य विश्वराज सिंह अब आरती करेंगे और फिर वे रथ खीचेंगे।
पश्चिम बंगाल के दीघा में आयोजित भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रभु की आरती की। इसके बाद उन्होंने छेरा पोहरा की परंपरा निभाते हुए, भगवान के रथ के आगे झाड़ू लगाई।
watch | West Bengal CM Mamata Banerjee performed the sacred ritual of sweeping the chariots of Lord Jagannath, Lord Balabhadra, and Devi Subhadra with a golden broom during the first-ever rathyatra at the Lord Jagannath temple in Digha.
(Video: West Bengal Government) pic.twitter.com/jQACwO6Z2O
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अहमदाबाद में हो रही श्रीजगन्नाथ रथयात्रा में कालुपुर के सरसपुर के बीच में रथ के पहिए में कुछ खराबी आ गई थी। इससे करीब 20 मिनट तक यात्रा रुकी रही। अब पहिए को ठीक कर लिया गया है। यात्रा सरसपुर पहुंच चुकी है।
राजघराने से गजपति महाराज दिव्यदेव सिंह भगवान जगन्नाथ के रथ पर पहुंच गए हैं। इससे पहले उन्होंने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ पर छेरा पहरा की पूजा की।
रथ यात्रा शुरू होने से पहले राजघराने से गजपति महाराज दिव्यदेव सिंह रथ की पूजा करते हैं, जिसके बाद छेरा पहरा की रस्म शुरू होती है। इस समय गजपति महाराज दिव्यदेव सिंह बलभद्र के रथ पर पहुंच गए हैं और उनकी पूजा कर रहे हैं।
रथ यात्रा के पांचवें दिन को ‘हेरा पंचमी’ कहते है। कहा जाता है कि महाप्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा में मां लक्ष्मी को नहीं ले जाते हैं। जब महाप्रभु यात्रा पर निकल जाते हैं, तो श्री मंदिर खाली हो जाता है। महाप्रभु को मंदिर में नहीं पाकर मां लक्ष्मी व्याकुल हो जाती हैं। मान्यता है कि रथ यात्रा के 5वें दिन वे महाप्रभु को ढूंढ़ने गुंडिचा मंदिर जाती हैं। गुंडिचा मंदिर में महाप्रभु बहुत निश्चिंत से आराम करता देख मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और गुस्से में महाप्रभु के रथ के एक हिस्से को तोड़ देती हैं। इस घटना को हेरा पंचमी कहा जाता है।
फोटो साभार: DD Odia
पुरी के श्री मंदिर के प्रांगण में महाप्रभु जगन्नाथ अपने रथ नंदीघोष पर आरूढ़ हो चुके हैं। जगन्नाथ मंदिर से यह यात्रा अभी थोड़ी देर में आरंभ होने वाली है। आपको बता दें कि महाप्रभु के साथ बड़े भैया बलराम (बलभद्र) जी और देवी सुभद्रा भी अपने-अपने रथों पर सवार हो चुके हैं।
क्या आप जानते हैं, बड़े भैया बलराम (बलभद्र) जी और देवी सुभद्रा जी के रथों का नाम क्या है? इसका उत्तर जानने के लिए यहां क्लिक करें।
27 जून 2025: जल्द आरंभ होगी रथ यात्रा
आज भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीन भव्य रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं। इस दिन का मुख्य आकर्षण होता है ‘छेरा पन्हारा’ अनुष्ठान, जिसमें पुरी के गजपति राजा सोने की झाड़ू से रथ मार्ग की सफाई करते हैं। यह सेवा और समर्पण का प्रतीक है। रथ यात्रा 2025 का शेड्यूल इस प्रकार है:
1 जुलाई 2025: हेरा पंचमी
भगवान जगन्नाथ के गुंडिचा मंदिर में पहुंचने के 5वे दिन देवी लक्ष्मी उनसे मिलने आती हैं। इस घटना को ‘हेरा पंचमी’ कहा जाता है।
4 जुलाई 2025: संध्या दर्शन
इस दिन गुंडिचा मंदिर में विशेष शाम के दर्शन होते हैं। भक्तजन इस शुभ संध्या को भगवान के सौम्य और दिव्य स्वरूप के दर्शन करके पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
5 जुलाई 2025: बहुदा यात्रा
गुंडिचा मंदिर में 7 दिन प्रवास के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा बहुदा यात्रा यानी वापसी यात्रा पर निकलते हैं। रास्ते में वे अर्जुन मंदिर में मौसी मां रुकते हैं, जहाँ उन्हें ‘पोडा पीठा’ नामक विशेष व्यंजन का भोग लगाया जाता है।
6 जुलाई 2025: सुना बेशा रस्म
इस दिन भगवानों को सोने के गहनों और स्वर्ण-वस्त्रों से सुसज्जित किया जाता है। इसे ‘सुना बेशा’ कहा जाता है और इसे देखने के लिए हजारों भक्त पुरी में एकत्र होते हैं। यह दिन भगवान के राजसी स्वरूप को देखने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है।
7 जुलाई 2025: अधर पान रस्म
अधर पान एक विशेष रस्म है, जिसमें भगवानों को एक पारंपरिक पेय अर्पित किया जाता है। यह पेय मिट्टी के बड़े बर्तनों में दूध, पानी, चीनी, पनीर और मसालों के साथ तैयार किया जाता है, जो भगवान को शीतलता और विश्राम देने के उद्देश्य से चढ़ाया जाता है।
8 जुलाई 2025: नीलाद्रि विजय (समापन)
यह रथ यात्रा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा श्रीमंदिर के गर्भगृह में पुनः विराजमान होते हैं। इसे ‘नीलाद्रि विजय’ कहा जाता है, जो उत्सव का समापन है और भक्तों के लिए दिव्य प्रसन्नता का अवसर।
जगन्नाथ पुरी की प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा की शुरुआत एक खास अनुष्ठान से होती है, जिसे ‘छेरा पन्हारा’ कहा जाता है। इस अनुष्ठान में पुरी के गजपति राजा खुद रथों के रास्ते की सफाई करते हैं। खास बात यह है कि वे साधारण झाड़ू से सफाई नहीं करते, बल्कि एक विशेष सोने की झाड़ू से रथ मार्ग को साफ करते हैं।
यह रस्म सिर्फ सफाई का काम नहीं, बल्कि सेवा और भक्ति का प्रतीक है। गजपति राजा के द्वारा स्वयं सफाई करना यह दर्शाता है कि सभी को बिना भेदभाव के सेवा करनी चाहिए। छेरा पन्हारा अनुष्ठान रथ यात्रा की शुरुआत में भक्तों के मन में एकता, निष्ठा और समर्पण की भावना जगाता है।
रथ यात्रा से एक दिन पहले भगवान जगन्नाथ के भक्त गुंडिचा मंदिर की सफाई और सजावट करते हैं। यह परंपरा गुंडिचा मार्जन के नाम से जानी जाती है। इस दिन भक्तजन बड़े श्रद्धा भाव से मंदिर को स्वच्छ बनाते हैं और उसे भव्य रूप से सजाते हैं, ताकि रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ का स्वागत अच्छे से किया जा सके। यह पवित्र कार्य हर साल रथ यात्रा से ठीक एक दिन पहले किया जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रथ यात्रा शुरू होने के शुभ अवसर पर अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवानजगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के सुअवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। वे ट्विटर/एक्स हैंडल पर अपने शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री लिखते हैं:
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथ! pic.twitter.com/vj8K6a0XKM
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2025
विश्व प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने आज जगन्नाथ रथ यात्रा के सुअवसर पर पुरी के समुद्र तट पर रेत से महाप्रभु जगन्नाथ की 101 मूर्तियों के साथ एक सैंड आर्ट बनाया। जिसे उन्होंने अपने ट्विटर/एक्स हैडल पर भी डाला है। अपने ट्विटर हैंडल पर वे लिखते हैं:
“जय जगन्नाथ! महा प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के शुभ अवसर पर, मैंने ओडिशा के पुरी बीच पर महाप्रभु जगन्नाथ की 101 मूर्तियों के साथ एक सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन बनाया। उनका आशीर्वाद हम सभी का मार्गदर्शन करे।”
Jai Jagannath! 🙏
On the auspicious occasion of Maha Prabhu rathyatrapurijaijagannathrathyatra2025pic.twitter.com/riqlDWWj6g
— Sudarsan Pattnaik (@sudarsansand) June 27, 2025
आपको बता दें कि सुदर्शन पटनायक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भारतीय सैंड आर्टिस्ट हैं, जो पुरी (ओडिशा) से ही ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपने रेत के शानदार मूर्तिकला से दुनिया भर में पहचान बनाई है।