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Holi 2026: क्यों और कैसे बच गए प्रहलाद? वरदान के बाद भी जल गई होलिका, पढ़ें पूरी कहानी

Holi 2026: होली के पर्व पर होलिका दहन की कहानी जिक्र जरूर होता है. इस कहानी में होलिका और प्रहलाद की बात होती है. होलिका दहन के समय होलिका न जलने का वरदान होने के बाद भी जल गई थी लेकिन प्रहलाद बच गए थे. चलिए इसकी पूरी कहानी जानते हैं.

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Photo Credit- News24GFX

Holi 2026: होली का पर्व हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस साल होली का पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन होलिका दहन किया जाएगा और अगले दिन 4 मार्च को रंगोत्सव होगा. होली के पर्व पर होलिका दहन की कहानी सुनाई जाती है. इसमें होलिका के जलने और चमत्कार से प्रहलाद के बच जाने की बात का जिक्र होता है. आखिर प्रहलाद कैसे बच गए थे और होलिका वरदान के बाद भी क्यों जल गई थी चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

होलिका को था वरदान

होलिका की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उसे एक वस्त्र दिया था जो उसे आग में जला नहीं सकता था. ब्रह्मा जी ने उससे कहा था कि, जब वह इस चादर को ओढ़ेगी तो उसके ऊपर आग का प्रभाव नहीं होगा. इसी वरदान के कारण उसके भाई हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे प्रहलाद को मारने के लिए होली की अग्नि में बैठने को कहा था लेकिन इस दौरान होली जल गई लेकिन प्रहलाद बच गया.

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भगवान विष्णु का परम भक्त था प्रहलाद

दरअसल, हिरण्यकश्यप नाम का राजा बहुत ही घमंडी था वह चाहता था कि, सभी उसकी पूजा करें लेकिन उसका बेटा प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था. वह हमेशा नारायण नाम का जाप करता था. प्रहलाद के पिता हिरण्यकश्यप को यह पसंद नहीं था. उसने प्रहलाद को कई बार मारने की कोशिश की लेकिन वह हर बार बच जाता. हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को याद किया जिसे आग में नहीं जलने का वरदान था.

अग्नि में जल गई होलिका

होलिका को न जलने का वरदान था ऐसे में होलिका प्रहलाद को गौद में लेकर अग्नि में बैठ गई. प्रहलाद भगवान विष्णु का नाम जपते रहें. भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका अग्नि में जल गई. होलिका छल, पाप व निर्दोष को नुकसान पहुंचाने की मंशा के कारण जल गई. तभी से इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाते हैं. हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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