गुरु ग्रह का जीवन में महत्व
शिक्षा, करियर, विवाह, संतान, धन और समृद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु, आध्यात्मिक विकास, आत्मबोध, विवेक, संयम, पठन-पाठन, शास्त्रार्थ, विद्वता, धन प्रबंधन, धार्मिक कार्य में रूचि, रीति-रिवाजों का पालन, कानून, नीति शास्त्र, तीर्थयात्रा, पेट की बीमारी, मधुमेह और तपस्या आदि के कारक ग्रह बृहस्पति हैं। अपनी शुभता और सकारात्मक प्रभावों से जीवन के इन सेक्टर से जुड़े फल प्रदान कर वे व्यक्ति को जीवन की ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। वहीं जब गुरु ग्रह अशुभ होते हैं, तो जातक के जीवन में संकटों का अंबार लग जाता है। शादी में विलंब, शादीशुदा जिंदगी में कष्ट, धन का संकट, शिक्षा पर नकारात्मक असर, संतान को कष्ट जैसी समस्याएं गुरु दोष के लक्षण हैं।गुरु ग्रह कब होते हैं अशुभ?
[caption id="attachment_773464" align="alignnone" ]बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय
- वैदिक ज्योतिष में गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह को समर्पित है। इस दिन व्रत रखने और भगवान बृहस्पति की पूजा करने से गुरु ग्रह मजबूत होते हैं।
- पीले रंग का स्वामित्व गुरु ग्रह को दिया गया है। गुरुवार को चने की डाल, केसर, पीले वस्त्र, पीले फलों और सोना का दान करने से गुरु दोष समाप्त होता है।
- अधिक से अधिक पीले रंग के वस्त्र पहनने और पीले रंग का भोजन (खिचड़ी को छोड़कर) करने से बृहस्पति ग्रह प्रसन्न होते और जीवन में सौभाग्य और समृधि आती है।
- गुरुवार को पीपल के वृक्ष की पूजा करने, केसर का तिलक लगाने, पीले रंग की गाय को गुड़ और रोटी खिलाने और ब्राह्मण को मीठा भोजन करवाने से बृहस्पति बाधा दूर होती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।