साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण समाप्त हो चुका है। 3 घंटे 28 मिनट रहे इस चंद्र्ग्रहण के बाद अब गृहस्थ जीवन वालों को स्नान करना चाहिए। इसके साथ ही गंगाजल से घर को पवित्र करना चाहिए। सुबह किसी जरूरतमंद को दान दें।
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चंद्र ग्रहण के पूर्ण चरण के बाहर निकलते ही चंद्रमा धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है। जल्द ही चंद्रग्रहण का अंत होने वाला है।
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केरल के तिरुवनंतपुरम में चंद्रग्रहण के पूर्ण चरण में चंद्रमा लाल होने लगा है। देखें वीडियो
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पूर्ण चंद्रग्रहण की शुरुआत हो चुकी है। अब चंद्रमा धीरे-धीरे ब्लड मून में बदल रहा है। वीडियो में आप चंद्रमा को लाल रंग में बदलते हुए देख सकते हैं।
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राजस्थान के जयपुर में पूर्ण चंद्रग्रहण का आंशिक चरण शुरू हो चुका है। इसके साथ ही उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चंद्रग्रहण को देखने के लिए लोग एकत्रित होना शुरू हो गए हैं। लोगों में चंद्रग्रहण का नजारा देखने की काफी उत्सुकता है।
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साल 2025 का यह आखिरी चंद्र ग्रहण पिछले 10 सालों का सबसे लंबा ग्रहण साबित होगा। इसकी अवधि 82 मिनट की होगी। देखें इस चंद्रग्रहण का खूबसूरत नजारा
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ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के दौरान आपको भगवान के नाम का जप ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। अगर प्रभु के भजन कर रहे हैं तो भी अच्छा है। भगवान का नाम जप आपको ग्रहण के सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभावों से दूर रखेगा।
साल 2025 के आखिरी चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो चुकी है। यह चंद्रग्रहण 1 बजकर 27 तक रहेगा। धार्मिक दृष्टि से इस दौरान भगवान का नाम जप काफी फायदेमंद होता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने आप इस ग्रहण को खुली आंखों से भी देख सकते हैं।
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साल के आखिरी चंद्रग्रहण की शुरुआत 9 बजकर 57 मिनट पर होने वाली है। इस दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है। मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति को भोजन नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ की जगह मानसिक जप करें। इसके साथ प्रभु के नाम का सुमिरन करें।
साल के दूसरे चंद्रग्रहण की शुरुआत होने में अब कुछ ही समय बाकी है। इस दौरान पृथ्वी पर चंद्रमा की छाया पड़ेगी और चंद्रमा पूरी तरह से अंधकारमय हो जाएगा। करीब 82 मिनट तक पृथ्वी की छाया से चंद्रमा ढका रहेगा। दुनिया में ज्यादातर जगहों पर इसको देखा जा सकेगा और यह अलग-अलग टाइम जोन में लगेगा।
आज साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण लग रहा है, जिसे भारत में भी देखा जा सकता है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इसे ब्लड मून भी कहा जाता है। भारत में आप ब्लड मून का नजारा रात 11 बजे से 12 बजकर 22 मिनट तक देख सकते हैं।
साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू हो जाएगा। वहीं, 1 बजकर 26 मिनट पर इसकी समाप्ति 8 सितंबर की सुबह 1 बजकर 26 मिनट पर होगी।
चंद्र ग्रहण के साथ ही साल 2025 के पितृपक्ष की शुरुआत हुई है। वहीं, पितृपक्ष का अंत भी सूर्य ग्रहण के साथ 21 सितंबर को होगा। यह साल का आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण होगा।
बस कुछ घंटों बाद शुरू होने वाला चंद्रग्रहण आप बिना किसी डिवाइस के माध्यम से भी देख सकते हैं। इस ग्रहण को खुली आंखों से देखना भी सुरक्षित रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा मन का कारक माना जाता है। मान्यता है कि अगर किसी बच्चे का जन्म चंद्रग्रहण के दौरान होता है तो ऐसा व्यक्ति काफी रहस्यमयी होता है। इन लोगों को आध्यात्मिक क्षेत्र में बढ़ी उपलब्धि मिलती है। हालांकि कभी-कभी ये लोग भावनात्मक रूप से कमजोर भी होते हैं।
चंद्रग्रहण से पहले खाने पीने के सामानों में तुलसी दल रख दें। जिससे ग्रहण के बाद भी वे वस्तुएं उपयोग में लाई जा सकें।
सूतक काल के चलते अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। कपाट सूतक काल से लेकर ग्रहण तक बंद रहेंगे। इस दौरान किसी भी प्रकार का पूजा-पाठ मंदिर में नहीं किया जाएगा।
watch | Ayodhya, Uttar Pradesh | The gates of Shri Ram Janmbhoomi temple are closed as the 'Sutak Kaal' (inauspicious period) began at 12.30 pm today, ahead of the complete Lunar Eclipse today pic.twitter.com/eclluYIbXK
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मंदिरों को बेहद पवित्र स्थान माना जाता है, जबकि ग्रहण और सूतल काल को अशुभ माना जाता है। इसलिए ग्रहण के सूतक काल के दौरान अधिकतर मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं।
बता दें कि कुछ शहरों में ग्रहण की अवधि में बदलाव देखने को मिलता है। जैसे कि इस बार सबसे पहले उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। हालांकि, शास्त्रों में बताया गया है कि ग्रहण की अवधि में बदलाव नहीं होता है, बल्कि उसके दिखने के समय में बदलाव होता है। इसी कारण कहीं पहले तो कहीं बाद में चंद्र ग्रहण नजर आता है।
Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण को धार्मिक और ज्योतिष दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ये एक खगोलीय घटना है, जिसका असर न सिर्फ राशियों पर पड़ता है बल्कि प्रकृति पर भी प्रभाव देखने को मिलता है। चंद्र ग्रहण के दौरान तापमान और गुरुत्वाकर्षण बल के कारण समुद्र की लहरों में बदलाव आ सकता है, जिससे मौसम पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा जानवरों के व्यवहार में भी परिवर्तन देखने को मिलता है। 8 सितंबर को साल 2025 का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण पूर्ण हो चुका है। इस ग्रहण को ब्लड मून और लाल चंद्रमा भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान चांद लाल रंग का दिखाई दिया। यह ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से दिखाई दे रहा है, इसे बिना किसी विशेष उपकरण के भी देखा गया। यह ग्रहण भारत में भी देखा गया। 3 घंटे 28 मिनट तक चले इस ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए। इसके बाद गंगाजल से घर को शुद्ध करें। आइए जानते हैं कि राशि के अनुसार किन चीजों का जरूरतमंदों को दान करना चाहिए?
मेष राशि
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, इसलिए ग्रहण के बाद लाल रंग की चीजें दान करना शुभ है। आप लाल वस्त्र, मसूर की दाल, चने, गुड़ या लाल मिठाई किसी गरीब या जरूरतमंद को दे सकते हैं। इससे मंगल दोष शांत होगा, साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। यह दान परिवार में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाएगा।
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वृषभ राशि
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद सफेद वस्त्र, दूध, दही, घी, चावल या सफेद मिठाई दान करें। ये दान मां लक्ष्मी की कृपा दिलाएंगे और आर्थिक स्थिरता बढ़ाएंगे। चंद्रग्रहण का अशुभ प्रभाव आप पर नहीं पड़ेगा और पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। चंद्रग्रहण के बाद हरे रंग के वस्त्र, मूंग दाल, हरी सब्जियां या पन्ना रत्न से संबंधित छोटी वस्तुएं दान करें। इससे शिक्षा, करियर और संचार कौशल में लाभ होगा। यह दान मानसिक शांति और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देगा।
कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, इसलिए चंद्रग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अधिक हो सकता है। ग्रहण के बाद दूध, चांदी, सफेद शक्कर या चावल दान करें। ये दान मानसिक शांति और स्वास्थ्य में सुधार लाएंगे। खासकर चांदी का दान चंद्र दोष को कम करने में मददगार है।
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं। ग्रहण के बाद गेहूं, लाल कपड़ा, तांबा या सूर्य से संबंधित वस्तुएं दान करें। इससे नेतृत्व क्षमता और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। यह दान आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और शत्रुओं पर विजय दिलाएगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद हरी मूंग, हरे वस्त्र, घी या हरी सब्जियां दान करें। ये दान कार्यक्षेत्र में तरक्की और जीवन में स्थिरता लाएंगे। यह आपके स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए भी लाभकारी होगा।
तुला राशि
तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। ग्रहण के बाद सफेद वस्त्र, इत्र, दूध या चांदी की छोटी वस्तुएं दान करें। इससे पारिवारिक सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। यह दान आपके रिश्तों को मजबूत करेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। चंद्रग्रहण के बाद लाल चंदन, गुड़, मसूर की दाल या लाल वस्त्र दान करें। ये दान आपकी ऊर्जा और साहस को बढ़ाएंगे। साथ ही, यह परिवार में शांति और समृद्धि लाने में मदद करेगा।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी गुरु हैं। ग्रहण के बाद पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल, केसर या पीली मिठाई दान करें। इससे बुद्धि, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास को बल मिलेगा। यह दान आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाएगा।
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि हैं। ग्रहण के बाद काले तिल, काले वस्त्र, कंबल या लोहे की वस्तुएं दान करें। इससे शनि दोष कम होगा और कार्यों में बाधाएं दूर होंगी। यह दान आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति लाएगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद सरसों का तेल, नीले वस्त्र, काले तिल या उड़द दाल दान करें। यह दान आपके करियर और आजीविका में वृद्धि लाएगा। साथ ही, यह मानसिक तनाव को कम करने में मदद करेगा।
मीन राशि
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं। ग्रहण के बाद पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी या मछलियों को भोजन (आटे की गोलियां) दान करें। यह दान आध्यात्मिक शांति और पारिवारिक सुख को बढ़ाएगा। इससे आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।