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Bhishma Dwadashi 2026: आज भीष्म द्वादशी पर करें ये खास काम, घर-परिवार में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Bhishma Dwadashi 2026: आज माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी है. इसे आमलकी द्वादशी, सन्तान द्वादशी तथा वराह द्वादशी नामों से भी जानते हैं. माघ शुक्ल पक्ष की द्वादशी का व्रत करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

Photo Credit- News24GFX

Bhishma Dwadashi 2026: हिंदू धर्म में भीष्ण द्वादशी खास व्रत और पर्व के तौर पर मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भीष्म पितामह ने माघ महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को प्राण त्यागे थे. इसके बाद द्वादशी तिथि को उनका श्राद्ध किया गया. इस दिन को भीष्म द्वादशी की तौर पर मनाया जाता है. द्विक पंचांग के अनुसार आज 29 जनवरी 2026, दिन गुरुवार को भीष्म द्वादशी है. यह दिन पितृ दोष से मुक्ति के उपायों के लिए खास होती है. इस दिन खास उपायों को करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

भीष्म द्वादशी पूजा विधि (Bhishma Dwadashi Puja Vidhi)

आप भीष्म द्वादशी के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और भीष्म पितामह की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करें. भीष्म पितामह की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं. भगवान को तिल, गुड़, पंचामृत, पुष्प, धूप-दीप और फल अर्पित करें. भीष्म पितामह को गंगा पुत्र माना जाता है इस दिन गंगा स्नान का खास महत्व होता है. ऐसी मान्यता है इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है.

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भीष्म द्वादशी के उपाय (Bhishma Dwadashi Upay)

  • भीष्म द्वादशी के दिन जरूरतमंद लोगों को और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करना चाहिए.
  • भीष्म द्वादशी पर तिल का खास महत्व होता है. तिल का दान करने और पानी में तिल डालकर स्नान करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं.
  • आप दिन में पूजा के समय "ओम नमो नारायणाय नम:" मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का जाप करने से पाप नष्ट होते हैं.
  • आप गाय को हरा चारा खिलाएं और मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं. छत पर पक्षियों के लिए दाना डालें. इन उपायों को करना बेहद अच्छा होता है.

भीष्म द्वादशी का खास उपाय

भीष्म द्वादशी पर श्राद्ध और पितृ तर्पण करने बेहद शुभ होता है. आपको किसी पवित्र नदी में स्नान कर तर्पण और पिड़दान करना चाहिए. आप घर पर पानी में जल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं. भीष्ण द्वादशी पर भीष्ण पितामह के निमित्त तर्पण करें. इसके साथ ही आप अपने पूर्वजों के प्रति तर्पण और पिड़दान करें. इससे पितृ दोष शांत होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.


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