Devi Devta Ko Kaise Pahchane: अक्सर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा कि भगवान कभी भी अपने भक्त को परेशानी में अकेला नहीं छोड़ते हैं. किसी न किसी रूप में आकर वो अपने भक्त की रक्षा जरूर करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी भगवान को पहचानने की कोशिश की है?
बता दें कि शास्त्रों में कुल 4 तरीकों के बारे में बताया गया है, जिनके जरिए आप पता लगा सकते हैं कि सामने मनुष्य है या मनुष्य के रूप में कोई भगवान व देवी-देवता आपकी मदद करने के लिए आए हैं. आइए जानते हैं कि कैसे भगवान और मनुष्य के बीच अंतर किया जा सकता है.
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देवी-देवता धरती पर पैर नहीं रखते हैं
धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी-देवता जमीन पर पैर नहीं रखते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि ईश्वरीय शक्ति को भौतिक पृथ्वी से ऊपर शुद्ध व सम्मानित स्थान प्राप्त है. इसलिए भगवान की मूर्तियों को सीधे जमीन पर रखने की जगह किसी आसन या कपड़े पर स्थापित किया जाता है. अन्य मान्यता के मुताबिक, धरती को भू देवी माना गया है, जो कि माता लक्ष्मी का एक रूप हैं. इस कारण भी देवी-देवता धरती पर अपने पैर नहीं रखते हैं.
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देवी-देवता सांस नहीं लेते हैं
शास्त्रों में बताया गया है कि देवी-देवता सांस नहीं लेते हैं क्योंकि वो भौतिक शरीर नहीं ऊर्जा हैं. सांस लेना मानवीय प्रक्रिया है, जबकि भगवान का अस्तित्व शरीर से परे है. इसलिए उन्हें सांस लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती.
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सुगंधित खुशबू आती है
देवी-देवताओं को ऊर्जा माना जाता है, जिस कारण उनसे हर समय व प्रत्येक परिस्थिति में सुगंधित खुशबू आती है.
भगवान पलके नहीं झपकाते हैं
शास्त्रों में बताया गया है कि प्रत्येक देवी-देवता की दृष्टि स्थिर होती है यानी उनकी पलकें नहीं झपकती हैं. ये भी एक गुण है जो उन्हें मनुष्य और अन्य प्राणियों से अलग बनाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.