Ashadha Month 2025: हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना आषाढ़ 11 जून की दोपहर 1 बजकर 13 मिनट के बाद से शुरू हो चुका है। यह महीना आगामी 11 जुलाई तक रहने वाला है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ का महीना धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। ये जो बारिश के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से की जाती है, क्योंकि मान्यता है कि इस महीने की शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। यह समय आध्यात्मिक साधना, दान, और आत्म-चिंतन के लिए उपयुक्त माना जाता है। हालांकि इस महीने में कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है, क्योंकि वे अशुभ फल दे सकते हैं या जीवन में बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस महीने किन कामों को नहीं करना चाहिए?
विवाह और शुभ कार्य
आषाढ़ माह में विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, इस महीने में सूर्य और अन्य ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि ये कार्य स्थायी सुख और समृद्धि नहीं प्रदान करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान किए गए विवाह में वैवाहिक जीवन में तनाव या असंतुलन की संभावना बढ़ सकती है। इस दौरान आध्यात्मिक कार्यों जैसे विष्णु पूजा या दान किया जा सकता है।
नए व्यवसाय या निवेश की शुरुआत
आषाढ़ माह में नया व्यवसाय शुरू करना, बड़े वित्तीय निवेश करना या संपत्ति खरीदना अनुकूल नहीं माना जाता है। इस महीने में चंद्रमा और अन्य ग्रहों की चाल अस्थिरता पैदा कर सकती है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका रहती है। इस महीने में वित्तीय योजनाओं की समीक्षा करें और छोटे-मोटे निवेशों पर ध्यान दें। दान-पुण्य और जरूरतमंदों की मदद करें, जो आर्थिक स्थिरता लाने में सहायक हो सकता है।
घर का निर्माण या मरम्मत कार्य
आषाढ़ माह में घर का निर्माण शुरू करना या बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है। बारिश के मौसम की शुरुआत होने के कारण निर्माण कार्य में रुकावटें आ सकती हैं और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह समय स्थायी नींव के लिए उपयुक्त नहीं है।
अनावश्यक यात्राएं
लंबी और अनावश्यक यात्राएं इस महीने में करने से बचना चाहिए। बारिश के कारण यात्रा में असुविधा हो सकती है, और ग्रहों की स्थिति यात्रा में बाधाएं या दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा सकती है। खासकर, राहु और केतु का प्रभाव इस महीने में यात्रा को जोखिम भरा बना सकता है।
पेड़-पौधों की कटाई या छंटाई
आषाढ़ माह में पेड़-पौधों की कटाई करना अशुभ माना जाता है। यह महीना प्रकृति के पुनर्जनन का समय है, और वृक्षों को नुकसान पहुंचाने से पर्यावरणीय और आध्यात्मिक असंतुलन पैदा हो सकता है। ऐसा करना शास्त्रों में भी अनुचित माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।
आषाढ़ महीने में करें ये काम
रोजाना भगवान विष्णु को तुलसी पत्र और पीले फूल अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, या धन का दान करें। विशेष रूप से गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान शुभ होता है। गीता, रामायण, या अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें। सात्विक भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाएं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई धार्मिक शास्त्रों की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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