दुनिया में तरह-तरह की परम्पराएं सदियों से चली आ रही हैं। इनमें से कुछ परम्पराएं ऐसी भी हैं, जो दूसरों की नजर में पाप हैं। बलात्कार हैं। हाल ही में बात हो रही है एक ऐसी परम्परा की, जिसके बारे में जानकर बेटी शब्द को इज्जत की नजरों से देखने वाले लोग सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि समाज आखिर जा किस दिशा में रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मनुष्यों के इस झुंड में बाप सिर्फ तब तक बाप रहता है, जब तक कि बेटी जवान नहीं हो जाती। उसके जवानी में कदम रखते ही, बाप को खसम बनते देर नहीं लगती। जिसने जन्म दिया और पाला-पलोसा, वह उसी मां की सौतन बन जाती है। सोचने वाला पहलू यह है कि 21वीं सदी में जीकर आधुनिकता का ठप्पा लगवाने के लिए बेताब आदमी और जानवरों में फर्क ही क्या रह जाता है…
बांग्लादेश की मंडी जनजाति में है अटपटा रिवाज
इस बात में कोई दो राय नहीं कि हजारों-लाखों साल पहले आदमी अकेला ही रहता था। बाद में अपनी जरूरत के हिसाब से झुंड में रहने लग गया। इसी मतलबी व्यवस्था को परिवार के नाम से जाना जाता है। परिवार में हर रिश्ते की अपनी अहमियत होती है। इज्जत होती है। खासकर कुछ सामाजिक मान्यताओं में बेटी के रिश्ते को बहुत सम्मान के साथ देखा जाता है, लेकिन इसी व्यवस्था के हिस्से के रूप में बांग्लादेश की एक जनजाति भी शामिल है। मंडी नामक इस जनजाति में एक बाप उस वक्त बेटी का पति बन जाता है, जबकि उसे बेटी की शादी करके किसी और परिवार को बसाने का फर्ज निभाना चाहिए।
अटपटे रिवाज में थी है थोड़ी राहत वाली बात
हालांकि यह अलग बात है कि यह अजीब-ओ-गरीब रिश्ता सिर्फ सौतेली बेटी के साथ ही स्थापित किया जाता है। इस मान्यता पर थोड़ा विस्तार से बात करें तो साफ होगा कि जब एक महिला विधवा हो जाती है तो समाज का एक अन्य व्यक्ति उसके बच्चों को अपने बच्चों की तरह मानकर उससे शादी करने के लिए आगे आता है। अगर विधवा महिला एक बेटी की मां है तो उसके जवान होने संबंधित पुरुष उसके साथ भी शादी कर लेता है। देखने-सुनने में बड़ा अजीब लगता है कि सौतेला ही लड़की शुरू में उस आदमी को पिता कहती थी, लेकिन बाद में उसे अपना पति बताने पर मजबूर हो जाती है। समुदाय के सदस्य इस बात पर जोर देकर इस प्रथा को उचित ठहराते हैं कि पुरुष न केवल विधवा को बल्कि उसकी बेटी को भी सुविधाएं प्रदान करता है।
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एक भुक्तभोगी ने उठाया रिवाज पर सवाल
इस हैरानीजनक सच्चाई से हाल ही में मंडी समुदाय की एक लड़की ओरोला ने अपना दृष्टिकोण साझा किया। उसने बताया कि उसके पिता की मौत के बाद उसकी मां ने दूसरे आदमी से शादी कर ली। शुरू में उसे अपना पिता कहने वाली ओरोला को बड़ी होने पर उनसे शादी करने के लिए मजबूर किया गया। उसने इस अटपटी वैवाहिक परंपरा से जुड़ी जटिलताओं और विवादों पर प्रकाश डालते हुए इसे बदलने पर जोर दिया है। इस बारे में आपकी क्या राय है, खबर के कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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