Ramadan 2025: इस्लाम धर्म में रमजान का महीना बेहद खास माना जाता है, जो कि इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है रमजान के मुबारक महीने में मुसलमान 29 या 30 दिन रोजे रखते हैं और महीने के आखिरी दिन धूमधाम से ईदुल फितर मनाते हैं। रमजान का महीना गुनाहों से माफी का महीना कहा जाता है,जिसमें हर मुसलमान पर रोजा रखना फर्ज बताया गया है। हर बार की तरह इस बार भी रमजान की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ी सी कंफ्यूजन की स्थिति बन गई है, आखिर रमजान 1 मार्च से शुरू होगा या फिर 2 मार्च से चलिए आपको बताते हैं कि आखिर रमजान का पहला रोजा कब रखा जाएगा सबसे पहले जान लेते हैं कि क्यों खास है।
रमजान का यह पाक महीना रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं। रोजा सूरज उगने से लेकर सूरज ढलने तक होता है और इस दौरान सहरी के वक्त से लेकर इफ्तार तक कुछ भी नहीं खाया जाता है। मगरिब की अजान होने से पहले यानी सूरज ढलने के बाद रोजा को खोला जाता है। इसे इफ्तारी कहा जाता है। रमजान में पांच वक्त की नमाज के अलावा एक और तरह की खास नमाज अदा की जाती है, जिसे तरावीह की नमाज कहते हैं। तरावीह की नमाज पढ़ना किसी भी मुसलमान पर फर्ज नहीं है, लेकिन इसे पढ़ने का बहुत ज्यादा सवाब मिलता है।
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