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Hariyali Teej 2025: बांके बिहारी जी को लगेगा घेवर और फेनी का भोग, जानिए क्यों है ये खास

ऐसे तो वृंदावन धाम में बांके बिहारी को हर दिन 8 भोग अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही हर बड़े अवसर पर अलग-अलग भोग से उनकी सेवा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस साल हरियाली तीज पर बांके बिहारी को किस चीज का भोग लगाया जाएगा? अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि इस साल हरियाली तीज पर बांके बिहारी के दरबार में क्या खास होने वाला है।

Hariyali Teej 2025: बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन का बहुत ही प्रसिद्ध और पावन स्थल है, जहां हर दिन हजारों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन जैसे ही हरियाली तीज जैसे खास त्योहार नजदीक आते हैं, मंदिर की रौनक और भक्तों की भीड़ और भी ज्यादा बढ़ जाती है। हरियाली तीज भगवान शंकर और माता पार्वती के मिलन का पावन पर्व होता है, लेकिन वृंदावन में इसे राधा-कृष्ण की प्रेम भक्ति के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है तो आइए जानते हैं संयम गोस्वामी से, जो कि बांके बिहारी जी के दरबार में पुजारी और अंग सेवक हैं, कि इस बार हरियाली तीज पर मंदिर में क्या खास होने वाला है।

तीज पर बिहारी जी हिंडोले में होते हैं विराजमान

संयम गोस्वामी ने बातचीत के दौरान बताया कि हर साल बिहारी जी हरियाली तीज के दौरान अपने गर्भगृह और फूल बंगले से बाहर आकर, सोने और चांदी के हिंडोले में विराजमान होते हैं। इसके साथ ही बिहारी जी झूले में बैठकर सभी भक्तों को अपने सुंदर दर्शन देते हैं। इस पर्व पर बिहारी जी का दीदार करने के लिए हजारों भक्तों का जमावड़ा लगता है। दर्शन के लिए द्वार सुबह 6:30 बजे खुलते हैं और दोपहर 1:00 बजे तक खुले रहते हैं। इसके बाद शाम को 4:00 बजे से रात 9:30 बजे तक दर्शन होते हैं। ये भी पढ़ें- Hariyali Teej 2025: गजरा से लेकर टियारा तक, जानिए कौन-सी हेयर एक्सेसरीज देगी परफेक्ट तीज लुक

हरे बैलून से सजता है मंदिर

गोस्वामी ने जानकारी देते हुए कहा कि बांके बिहारी मंदिर हरियाली तीज के दिन सिर्फ हरे रंग के बैलून से सजाया जाता है। हरे रंग से मंदिर की शोभा और रौनक बढ़ जाती है, जो सभी भक्तों के लिए देखने योग्य दृश्य होता है।

बिहारी जी हरे रंग की पोशाक धारण करते हैं

हरियाली तीज के दिन सुबह और शाम बिहारी जी सुंदर सी हरे रंग की पोशाक धारण करते हैं। जिसे देखकर सभी भक्त मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। यह पोशाक या तो रतीराम दिल्ली से मंगवाई जाती है या मंदिर की हवेली से लाई जाती है।

घेवर और फेनी का लगता है भोग

हरियाली तीज के दिन बांके बिहारी को स्वादिष्ट घेवर और फेनी का भोग लगाया जाता है। इसके बाद पुजारियों द्वारा यह भोग प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा जाता है। इसके साथ ही सेवक सयंम गोस्वामी के मुताबिक ये घेवर और फेनी का भोग पाने के लिए भक्त दूर-दूर से तीज वाले दिन वृंदावन धाम आते हैं।  ये भी पढ़ें- Hariyali Teej 2025: इस तीज सिर्फ मेहंदी नहीं, ये 5 पायल डिजाइन्स भी मचा रही हैं गजब का धमाल  


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