Rahul Gandhi Sonia Gandhi National Herald Case:दिल्ली पुलिस (EOW) की आर्थिक अपराध शाखा ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत छह अन्य लोगों के खिलाफ एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को कथित धोखाधड़ी कर यंग इंडियन को देने की साजिश रचने का आरोप है. मामला 2,000 करोड़ रुपये का है. गौरतलब है कि AJL में गांधी परिवार की अधिकतर हिस्सेदारी है. यह FIR ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी है. दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई नई एफआईआर में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा समेत तीन अन्य लोगों का नाम भी शामिल है. साथ ही तीन कंपनियों का नाम भी शामिल है.
नई FIR में क्या आरोप
नेशनल हेराल्ड मामले में तीन कंपनियों पर दर्ज नई FIR ED की शिकायत पर 3 अक्टूबर को दर्ज हुई. आरोप है कि इस मामले में तीन कंपनियां AJL, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड जो कथित तौर पर कोलकाता स्थित एक फर्जी कंपनी है, के नाम भी शामिल हैं, जिसने यंग इंडिया को 1 करोड़ रुपये दिए थे, जिससे गांधी परिवार ने कांग्रेस को 50 लाख रुपये देकर AJL का अधिग्रहण किया, जिसकी कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है.
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क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
नेशनल हेराल्ड 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के अखबार का नाम था. 2008 से 2010 के बीच घाटे में चल रहे अखबार को बंद किया गया. 2012 में यह मामला तब चर्चा में आया जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल कर गंभीर आरोप लगाए. आरोप थे कि नेशनल हेराल्ड अखबार को अवैध तरीके से कांग्रेस ने यंग इंडियन कंपनी बनाकर हड़पा है.
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मामले की सुनवाई पूरी, फैसला तीन बार टला
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई पूरी हो चुकी है, ईडी की चार्जशीट पर फैसला 3 बार टल चुका है, अब अगली तारीख 16 दिसंबर है. राउज एवेन्यू कोर्ट तय कर रहा है कि मामले पर संज्ञान लिया जाए या नहीं. फैसला 14 जुलाई, 29 जुलाई, 8 अगस्त और 29 नवंबर को टल चुका है.