मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार खेती को और बेहतर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है. सरकार चाहती है कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा पैदावार मिले और उनकी मेहनत का सही दाम भी उनको मिल सके. इसी सोच के साथ अब पंजाब में खेती करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इस काम को करने में IIT रोपड़ में बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मदद ली जा रही है.
मान सरकार का साफ कहना है कि नई तकनीक का सीधा फायदा किसानों तक पहुंचना चाहिए. मुख्यमंत्री मान के मार्गदर्शन में कृषि और किसान कल्याण मंत्री एस. गुरमीत सिंह खुडियां ने पंजाब भवन में एक अहम बैठक की. इस बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि AI तकनीक को खेतों में कैसे लागू किया जाए और किसानों की आमदनी कैसे बढ़ाई जाए. सरकार चाहती है कि खेती आसान बने और किसानों को बार-बार नुकसान न उठाना पड़े.
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मान सरकार पहले कुछ जिलों में AI से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगी. अगर इनसे अच्छे नतीजे मिलते हैं, तो इन्हें पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा. इन प्रोजेक्ट से खेतों में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाए जाएंगे, ताकि किसानों को समय पर मौसम की सही जानकारी मिल सके. इससे किसान सही समय पर फसल की बुआई और सिंचाई कर सकेंगे.
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इसके अलावा किसानों को फील्ड डेटा से जोड़ा जाएगा, जिससे फसल से जुड़ी जरूरी जानकारी सरकार तक पहुंचे. बागवानी को बढ़ावा देने के लिए हॉर्टिकल्चर क्लस्टर्स बनाए जाएंगे. पशुपालन में भी AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और पशुओं की सेहत बेहतर होगी.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह पहल खेती को फायदे का काम बनाएगी. इससे किसानों की आय बढ़ेगी, खेती टिकाऊ बनेगी और पंजाब एक बार फिर खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा.