भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मजबूत होते रिश्तों की एक और झलक उस समय देखने को मिली, जब यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ाईद अल नाहयान भारत के संक्षिप्त दौरे पर पहुंचे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत कर भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़े खास उपहार भेंट किए.
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति को गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक एक शाही नक्काशीदार लकड़ी का झूला उपहार में दिया. यह झूला गुजरात के पारंपरिक घरों का अभिन्न हिस्सा माना जाता है और वहां के कई परिवारों में पीढ़ियों से उपयोग में लाया जाता रहा है.
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यह झूला पूरी तरह हाथ से तैयार किया गया है, जिसमें फूलों और पारंपरिक डिजाइनों की बारीक नक्काशी की गई है. इसकी कलाकारी में गुजराती हस्तशिल्प की उत्कृष्टता और कारीगरों की मेहनत साफ झलकती है. गुजराती संस्कृति में झूला केवल एक घरेलू वस्तु नहीं, बल्कि पारिवारिक घनिष्ठता, आपसी संवाद और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है.
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यह उपहार यूएई द्वारा वर्ष 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किए जाने के संदर्भ में भी विशेष महत्व रखता है. पीएम मोदी का यह उपहार भारत और यूएई के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित संबंधों को दर्शाता है. साथ ही यह भारतीय पारंपरिक कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर सम्मान देने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.