Washington: तुर्किये (तुर्की) और सीरिया में 6 फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप से तबाही मची हुई है। इसी बीच एक्सपर्ट ने दावा किया है कि तुर्किये में कभी भी फिर 7 तीव्रता का भूकंप आ सकता है। इन दोनों देशों की मदद के लिए तमाम देश आगे आ रहे हैं।
इसी कड़ी में अमेरिका ने आपातकालीन राहत के लिए 8.5 करोड़ डॉलर का शुरुआती पैकेज देने का ऐलान किया है। यह पैकेज भोजन, शेल्टर और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, वर्ल्ड बैंक ने तुर्किये को 1.78 बिलियन डॉलर की मदद दी है।
अमेरिका ने तुर्किये में तैनात किया DART
यूएसएआईडी (United States Agency for International Development) ने कहा कि ये फंडिंग बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए सहायक होगी। नाटो सहयोगी की जरूरतों पर चर्चा करने के लिए तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुट कावुसोग्लु के साथ गुरुवार को टेलीफोन पर बात करने के बाद यह घोषणा की गई।
विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, 'तुर्की की मदद करने के वैश्विक प्रयासों में शामिल होने पर हमें गर्व है। तुर्की ने अतीत में कई अन्य देशों में आई आपदा के वक्त अपना हाथ बढ़ाया था'। अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहले ही तुर्की में बचाव दल भेज दिया है और कंक्रीट ब्रेकर, जनरेटर और हेलीकाप्टरों का योगदान दिया है। अमेरिका ने डिजास्टर असिस्टेंट रिस्पांस टीम (DART) तुर्किये में तैनात किया है।
यूएसएआईडी ने कहा कि बचाव दल मलबे में दबे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है। सड़कों और पुलों को हुए भारी नुकसान के बाद, अमेरिकी सेना ने ब्लैक हॉक और चिनूक हेलीकॉप्टरों को भी भेजा है।.
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भारत ने 6 विमानों से भेजी राहत सामग्री
तुर्की में भारत ने ऑपरेशन दोस्त के तहत 6 विमानों से राहत सामग्री भेजी है। इसमें 30 बेड का मोबाइल अस्पताल, मेडिकल सामग्री और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। तुर्की में NDRF की दो टीमें, इसमें एक डॉग स्क्वायड भी शामिल है, राहत बचाव के काम में जुटी हैं।