संसद में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और केसी वेणुगोपाल द्वारा दिया गया संशोधन गिरा। इमराम मसूद और ओवैसी का संशोधन खारिज हो गया। लोकसभा में वक्फ बिल पर विपक्षी दलों का संशोधन खारिज हो गया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि संसद में वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े हैं, जबकि विपक्ष में 232 वोट पड़े।
लोकसभा में थोड़ी देर में वक्फ संशोधन बिल पर वोटिंग होगी। इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ बिल को विपक्ष असंवैधानिक बता रहा है। यह विधेयक असंवैधानिक क्यों है? इसे लेकर किसी ने तर्क नहीं दिया। संसद में बहुत कुछ तर्कहीन बातें कही गई हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों एवं संपत्ति के अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है। आरएसएस, भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों पर लक्षित है, लेकिन भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है।
कांग्रेस पार्टी इस कानून का कड़ा विरोध करती है, क्योंकि यह भारत के मूल विचार पर हमला करता है और अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि धारा 40 उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ और मौखिक वक्फ की अवधारणा एक शक्तिशाली कॉकटेल थी, जो वक्फ बोर्ड को अपनी इच्छानुसार किसी भी भूमि को हड़पने में सक्षम बनाती थी। जिन लोगों को इससे समस्या थी, उन्हें वक्फ न्यायाधिकरण के समक्ष जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह वक्फ न्यायाधिकरण एक कंगारू अदालत थी और इसके आदेश अंतिम थे और आप अपील भी नहीं कर सकते थे। इसके अलावा आपके पास सीमा अधिनियम था, यदि आप एक पीड़ित पक्ष हैं तो आपके पास वक्फ न्यायाधिकरण के समक्ष जाने के लिए केवल एक वर्ष था जिसका आदेश अंतिम था लेकिन यदि आप वक्फ बोर्ड हैं, तो आप पर कोई सीमा अधिनियम लागू नहीं होता; 500 साल, 1000 साल बाद भी आप जा सकते हैं और दावा शुरू कर सकते हैं। यह फ्रेंकस्टीन मॉन्स्टर था जिसे वक्फ अधिनियम 2013 द्वारा बनाया गया था जहां वक्फ बोर्ड न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका सभी एक में शामिल था, शक्तियों के पृथक्करण की कोई अवधारणा नहीं थी।
लोकसभा की कार्यवाही का समय दो घंटा बढ़ाया गया। अब रात 10 बजे तक चर्चा चलेगी। सदन में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा चल रही है।
दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद पहुंचे, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक पर अपना भाषण दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में वक्फ संशोधन बिल को लेकर कहा कि वक्फ का अर्थ अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान करना है। कई सदस्यों के मन में भ्रांतियां हैं। वफ्फ में कोई गैर इस्लामिक सदस्य नहीं आएगा।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक कैबिनेट से पास होकर संसद में पेश हुआ था। इसे जेपीसी के पास भेजा गया था। वहां इस पर विस्तार से चर्चा हुई थी। आज फिर सदन में इस पर चर्चा हो रही है। विधेयक में देश के गरीब मुसलमानों के लिए सब कुछ अच्छा है। पूरे वक्फ बोर्ड को, जो मुट्ठी भर लोगों की कैद में था, उससे बाहर निकलने का रास्ता बना दिया गया है। इससे कांग्रेस, सपा और टीएमसी बेचैन हैं।
केंद्रीय मंत्री और जेडीयू सांसद राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही है। चर्चा की शुरुआत से ही ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई है जैसे बिल मुस्लिम विरोधी है, लेकिन बिल मुस्लिम विरोधी बिल्कुल नहीं है। वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है, जो मुसलमानों के हित में काम करने के लिए बनाया गया है। यह कोई धार्मिक संगठन नहीं है। ट्रस्ट को मुसलमानों के सभी वर्गों के साथ न्याय करने का अधिकार है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। आज एक नैरेटिव बनाया जा रहा है। पीएम मोदी की आलोचना की जा रही है, अगर आपको वह पसंद हैं तो उनकी तरफ न देखें। लेकिन उनके अच्छे काम की सराहना करें।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करते हैं। यह विधेयक ‘धर्मनिरपेक्षता’ शब्द को परिभाषित करता है जिसे हमारे संविधान में निहित किया गया है। यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं को एक बार फिर वक्फ बोर्ड में जगह देगा। यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। यह विधेयक उन गलतियों को सुधारने के लिए है जो हुई थीं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से प्रस्तावित वक्फ विधेयक 2024 को पूरी तरह वापस लेने का आग्रह किया।
संसद में अखिलेश यादव ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष न चुने जाने पर सवाल खड़े किए। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत पलटवार करते हुए मजाकिया अंदाज में अखिलेश को जवाब दिया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने भी वक्फ बिल का विरोध किया है। संसद में अपना पक्ष रखते हुए अखिलेश ने लिखा कि वक्फ की जमीन से ज्यादा बड़ा मुद्दा चीन की कब्जे वाली जमीन वापस लेना है। बीजेपी अभी तक अपना अध्यक्ष नहीं चुन पाई। सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है।
वक्फ बिल के विरोध में कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी है। गौरव गोगोई का कहना है कि वक्फ बिल कहां से आया? क्या इसे अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बनाया या फिर किसी दूसरे विभाग द्वारा बनाया गया है?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करते हुए कहा कि रेलवे ट्रैक, स्टेशन और अन्य बुनियादी ढांचे पूरे देश की संपत्ति हैं, केवल भारतीय रेलवे की नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन्हें वक्फ संपत्ति के बराबर कैसे माना जा सकता है। इसी तरह, रक्षा भूमि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के लिए होती है, जिसकी तुलना वक्फ संपत्ति से नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि भारत में कई वक्फ संपत्तियां निजी स्वामित्व वाली हैं, जिसके कारण भारत के पास दुनिया में सबसे अधिक वक्फ संपत्ति है।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया, जिसमें 1995 के वक्फ अधिनियम में किए गए कुछ बदलावों को पुनः बहाल किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि इस विधेयक में कुछ विसंगतियां थीं, जिन्हें दूर करना जरूरी था। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1995 के नियम के अनुसार, केवल वही व्यक्ति वक्फ संपत्ति बना सकता था, जिसने कम से कम पांच वर्षों तक इस्लाम धर्म का पालन किया हो। 2013 में इसमें बदलाव किया गया था, जिसे अब संशोधित कर पुनः 1995 का प्रावधान लागू किया गया है। इससे वक्फ कानून को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाया जाएगा।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “वक्फ बोर्ड के प्रावधानों का किसी मस्जिद, मंदिर या धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का कहना है कि यह बिल पास होने के 1 साल बाद मेरे पास आना और तब मैं आपको बताऊंगा कि कहां-कितना बदलाव हुआ है।
लोकसभा में किरण रिजिजू ने कहा कि दिल्ली में 1970 से चल रहा एक मामला CGO कॉम्प्लेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा है। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन संपत्तियों को वक्फ संपत्ति बताया था। मामला कोर्ट में था।