वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी भारी मतों से पारित हो गया। बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 95 वोट पड़े। सदन में सत्ता पक्ष की तरफ से लगे जय श्री राम के नारे।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को राज्यसभा में पारित करने के लिए प्रस्ताव रखा। अब अंतिम मतदान चल रहा है।
राज्यसभा से वक्फ संशोधन विध्येक पास करने के लिए मूव किया गया। विपक्ष ने वोटिंग की डिमांड की। अब वोटिंग हो रही है। राज्य सभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर मत-विभाजन की इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया शुरू।
तिरुचि शिवा के संशोधन प्रस्ताव पर डिवीजन हुआ। इस प्रस्ताव के पक्ष में 92 और विपक्ष में 125 वोट पड़े। तिरुचि शिवा का ये संशोधन प्रस्ताव वोटिंग में गिर गया। डीएमके के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के प्रावधान में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था। ध्वनिमत से मतदान के बाद सभापति ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने की बात कही। इसके बाद तिरुचि शिवा ने इस पर डिवीजन की मांग की।
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमेटिक वोट रिकॉर्डिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए मतदान किया जा रहा है। अगर कोई सदस्य अपना वोट बदलना चाहता है, तो उसे वोटिंग स्लिप के जरिए ऐसा करना होगा।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर वोटिंग जारी है। सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी समेत तमाम बड़े नेता सदन में मौजूद हैं। विपक्ष की ओर से बिल में संशोधन के कई प्रस्ताव पेश किए गए, लेकिन एक के बाद एक सभी संशोधन ध्वनिमत से खारिज हो रहे हैं।
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और वैधानिक निकाय में केवल मुसलमानों को ही क्यों शामिल किया जाना चाहिए? अगर हिंदू और मुसलमानों के बीच कोई विवाद है तो उस विवाद को कैसे सुलझाया जाएगा? वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों के साथ भी विवाद हो सकते हैं। वैधानिक निकाय धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए और सभी धर्मों के लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।’
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘जब पहली बार वक्फ संशोधन विधेयक का मसौदा तैयार किया गया था और जो विधेयक हम अब पारित कर रहे हैं, उसमें बहुत सारे बदलाव किए गए हैं। अगर हमने किसी के सुझाव नहीं माने होते तो यह विधेयक पूरी तरह से अलग होता।’
वक्फ (संशोधन) विधेयक के लिए राज्यसभा में मतदान जारी है। राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा पूरी हो गई है। अब सदस्यों की ओर से सुझाए गए संशोधनों पर वोटिंग चल रही है। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बिल के संशोधनों पर वोटिंग करवा रहे हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने दिल्ली में कहा कि सरकार ध्रुवीकरण और अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रही है। सत्ताधारी पार्टी की मंशा ठीक नहीं है। हम इसे जनता की अदालत और न्यायालय में ले जाएंगे। सत्ता में आने पर हम इसे बदल देंगे।
watch | Delhi: On the Waqf Amendment Bill, Congress MP Pramod Tiwari says, “The government is doing this for polarisation and to divert attention from their failures… The intentions of the ruling party are not good… We will take this to the people’s court and the court. We… pic.twitter.com/yZXQNasWlX
— ANI (@ANI) April 3, 2025
रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित करने के लिए सभी सांसदों से समर्थन मांगा और कहा कि सांसदों ने इस मुद्दे पर ‘नई सुबह’ के लिए बहुत मेहनत की है।
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू अब राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चली चर्चा का जवाब दे रहे हैं। रिजिजू ने कहा, ‘सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 मेंबर होंगे जिसमें 4 से ज्यादा नॉन मुस्लिम नहीं होंगे’।
प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया की 8 घंटे सदन में इस बिल के लिए समय दिया गया था। इसके बाद भी सदन बिना किसी की सहमति से चल रहा है।
कांग्रेस की अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के बयान पर सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि हम सोनिया गांधी से पूरी तरह सहमत हैं। हम वक्फ बिल के खिलाफ हैं। जिन लोगों के लिए बिल लाया गया है, अगर वे ही खुश नहीं हैं, तो इस बिल का क्या उद्देश्य है? अगर सरकार विपक्ष द्वारा दिए गए सुझावों पर ध्यान देती तो बिल सर्वसम्मति से पारित हो जाता। लेकिन भाजपा मुस्लिम विरोधी पार्टी है और भाजपा और उसके पूंजीपति मित्रों की नजर वक्फ की संपत्तियों पर है। कीमती जमीन इस देश के उद्योगपतियों के हाथों में चली जाएगी।
वक्फ संशोधन विधेयक पर बोलते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे कहा कि मुस्लिमों को तंग करने के लिए आप हर चीज में हाथ डाल रहे हैं। अयोध्या के राम मंदिर में किसी मुस्लिम को लिया क्या? वहां तो आपने मेरे जैसे हिंदू दलित को भी नहीं लिया। आप मिट्टी में उसको दबाने की कोशिश करेंगे तो वो बीज हैं, मिट्टी से फिर उगते हैं। मैं गृहमंत्री से अपील करूंगा कि आप इसे वापस ले लें। मुसलमानों के लिए ये अच्छा नहीं है।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने यूपी के अलीगढ़ में कहा कि मैं कुछ समय तक उत्तर प्रदेश वक्फ मंत्रालय में रहा हूं। मैंने मुकदमेबाजी के अलावा कुछ नहीं देखा।1980 में मुस्लिम महिला सुरक्षा अधिनियम पारित हुआ। इसमें कहा गया कि अगर तलाकशुदा महिला की देखभाल करने वाला कोई नहीं है, तो उसे वक्फ बोर्ड से भत्ता दिया जाएगा। दो साल बाद मैंने संसद में पूछा कि वक्फ बोर्ड ने क्या प्रावधान किया है और तलाकशुदा महिलाओं को भत्ते के तौर पर कितनी रकम दी जाती है। दो साल बाद जवाब मिला कि किसी भी वक्फ बोर्ड ने एक पैसे का भी प्रावधान नहीं किया। वक्फ बोर्ड की हालत यह है कि उसके पास इतनी संपत्ति है और उसके पास वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। तो यह पैसा कहां जा रहा है? इसका मतलब है कि कहीं न कहीं गड़बड़ है और इसमें सुधार की जरूरत है। मुझे नहीं पता कि इसमें कोई बदलाव होगा या नहीं, लेकिन बदलाव की जरूरत है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि यह हमारे देश के मुसलमानों के लिए एक और काला दिन है। हमने देखा है कि जब से वे (भाजपा) सत्ता में आए हैं, उन्होंने केवल नफरत फैलाई है और यह कल उनके द्वारा दिखाए गए उदाहरणों में से एक है। यह पूरी तरह से एक असंवैधानिक विधेयक है। यह मुसलमानों पर सीधा हमला है और वे केवल हमारी वक्फ संपत्तियों को हड़पना चाहते हैं। हम अपने संविधान के अनुसार इस विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे। हम सभी कानूनी रास्ते अपनाएंगे। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक की प्रति फाड़े जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण दिया कि जब वे व्यथित थे तो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक कानून को फाड़ दिया था। उनकी अंतरात्मा ने भी कहा कि यह विधेयक असंवैधानिक है। भाजपा देश को बांटने की कोशिश कर रही है। यह हमारे समुदाय पर सीधा हमला है।
स्पीकर ओम बिड़ला की पहल से लोकसभा में शून्यकाल का समय बढ़ाया गया। जन प्रतिनिधियों को संसद में अपने क्षेत्र की बात रखने का बड़ा अवसर मिला। आज 5 घंटे से अधिक शून्य काल चला और 202 सांसदों ने अपनी बात रखी। इससे पहले 18 जुलाई 2019 को विस्तारित शून्य काल में 161 सांसदों ने अपनी बात रखी थी। ओम बिड़ला ने BAC की बैठक में शून्यकाल बढ़ाने का आश्वासन दिया था।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में निर्णय लेकर शिवसेना (UBT) ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचार पूरी तरह छोड़ दिए हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बिल से महिलाओं, युवाओं, सभी लोगों को मुख्यधारा में आने का मौका मिलेगा। गरीब मुसलमानों को इसका फायदा होगा, लेकिन कांग्रेस यह नहीं चाहती है।