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ब्रिटेन पर 10%, वियतनाम पर 20% टैरिफ की डील तो भारत पर क्यों पड़ा 50 प्रतिशत का बोझ, अमेरिका ने किया नया दावा

अमेरिका ने भारत पर हेैवी टैरिफ लगाने की वजह का खुलासा किया है। अमेरिका ने दावा किया कि अगर भारत वो एक गलती नहीं करता तो भारत पर भी ब्रिटेन और वियतनाम जैसा कम टैरिफ लगता। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

बीते दिनों अमेरिका ने कई देशों पर हैवी टैरिफ लगाया था। इसमें भारत भी शामिल था। अमेरिकी राष्ट्रपित ट्रंप ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत, बाद में और 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। मतलब अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ का बोझ लादा था। उस समय अमेरिका ने ब्रिटेन, वियतनाम, दक्षिण कोरिया, जापान, यूरोपीय संघ समेत कई देशों पर टैरिफ में काफी छूट दी थी। ब्रिटेन पर कुल 10 प्रतिशत तो वियतनाम पर कुल 20 प्रतिशत टैरिफ लगा था।

अब इसके पीछे की वजह सामने आ रही है। अमेरिका ने दावा किया है कि टैरिफ मामले पर पीएम मोदी ने ट्रंप से बात नहीं की थी। इस वजह से डील नहीं हो पाई। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज किया है। मंत्रालय ने कहा कि उस दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच करीब 8 बार बात हुई थी।

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अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने एक इंटरव्यू में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अटकने की वजह पीएम मोदी का बात नहीं करना है। लुटनिक ने दावा किया कि अमेरिका भारत के साथ का व्यापार समझौता पूरा नहीं हो सका है क्योंकि टैरिफ डील के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया था। लुटविन ने कहा कि उन्होंने खुद यह समझौता तैयार किया था। इसको अंजाम तक पहुंचाने के लिए मोदी का ट्रंप को फोन करना जरूरी था। कहा कि भारतीय पक्ष इस डील को लेकर सहज नहीं था और पीएम मोदी ने फोन नहीं किया।

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भारत ने अमेरिका के इस दावे से वैसे ही खारिज कर दिया जैसे भारत-पाक संघर्ष के समय। भारत में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस दौरान भारत-पाक के बीच कुछ दिनों तक संघर्ष की स्थिति रही और फिर सीजफायर हो गया था। इस दौरान भी अमेरिका ने मध्यस्ता कराने का कई बार दावा किया था। उस समय भी भारत ने उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था।


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