Union Budget 2026: आज 2026-27 वित्त वर्ष का बजट पेश होने वाला है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी. यूनियन बजट संसद में 11 बजे पेश किया जाएगा. 2026 के इस यूनियन बजट में सरकार किस सेक्टर पर खुलकर खर्च करेगी इसके बारे में पुराने आंकड़ों से समझ सकते हैं. बजट पेश होने पर अक्सर रक्षा, परिवहन या राज्य किसे अधिक लाभ मिलेगा इसकी चर्चा रहती है. चलिए जानते हैं कि, बजट के पुराने आंकड़े क्या कहते हैं?
सबसे बड़ा खर्च
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सरकार का सबसे बड़ा खर्च ब्याज भुगतान के तौर पर होता है. यह सरकारी खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा होता है. प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में ब्याज भुगतान कुल खर्च का लगभग 24 प्रतिशत था. इस वर्ष यह बढ़कर 25 प्रतिशत होने का अनुमान है. बता दें कि, सरकार जब एक रुपया खर्च करती है तो इसका एक चौथाई पिछले कर्ज को चुकाने में जाता है. इससे संपत्ति, नौकरी या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनता है.
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इस सेक्टर पर रहेगा फोकस
पिछले साल के बजट में डिफेंस सेक्टर पर खास खर्च किया गया था. डिफेंस सेक्टर को 6.81 लाख करोड़ रुपये का आवंटन मिला था. देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह बजट तय किया गया था. साल 2026 में इस बजट में और बढ़ोतरी हो सकती है. भारत की सुरक्षा की दृष्टि से इस साल डिफेंस बजट में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है.
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राज्यों का हिस्सा
केंद्रीय बजट का बड़ा हिस्सा सीधा राज्यों को जाता है. पुराने आंकड़ों के अनुसार, सेंट्रल टैक्स और शुल्कों में राज्य का हिस्सा कुल खर्च का 22 प्रतिशत है. यह बजट राज्य स्तरीय शासन और विकास का समर्थन करने के लिए होता है. इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन को बजट का बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन का हिस्सा
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन को पिछले साल 2.87 लाख करोड़ रुपये का हिस्सा मिला था. सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और सड़क सुरक्षा के लिए इस वर्ष इस सेक्टर पर अधिक बजट मिलने की उम्मीद है.