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Unified Pension Scheme एक अप्रैल से लागू होगी, जानें NPS से कितनी अलग है UPS?

Difference Between UPS Vs NPS: एक अप्रैल 2025 से नई पेंशन स्कीम UPS लागू होने जा रही है। यह स्कीम NPS से काफी अलग है और इससे कर्मचारियों को काफी फायदा होगा। आइए जानते हैं कि दोनों के बीच अंतर क्या है और नई स्कीम से कितना, क्या और कैसे फायदा होगा?

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Pension Scheme

Difference Between UPS Vs NPS: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अप्रैल 2025 से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू हो जाएगी, हालांकि पहले से लागू नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) भी लागू रहेगी, लेकिन केंद्रीय कर्मचारी इन दोनों में से एक पेंशन स्कीम को चुन पाएंगे। देश के कुछ राज्यों में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) भी लागू है, लेकिन बता दें कि तीनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। आइए जानते हैं कि UPS क्या है और यह NPS से कितनी अलग है?

 

बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा होगी पेंशन

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, UPS के तहत कर्मचारी को पिछले 12 महीने की बेसिक सैलरी के आधार पर पेंशन दी जाएगी। यह पेंशन इस बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा होगी, लेकिन इस स्कीम के तहत पेंशन तभी मिलेगी, जब कर्मचारी 25 साल की सर्विस पूरी कर लेगा।

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वहीं इस पेंशन स्कीम के दायरे में आने के बाद अगर कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा UPS के तहत मिनिमम एश्योर्ड पेंशन भी दी जाएगी, जो 10 साल की नौकरी करने पर ही मिलेगी और न्यूनतम 10 हजार रुपये पेंशन मिलेगी।

ऐसे बढ़ेगी और यह फायदा होगा

UPS के तहत एक और प्रावधान किया गया है कि इस स्कीम के तहत पेंशन महंगाई के अनुसार बढ़ती रहेगी। इसका मतलब यह है कि जैसे-जैसे महंगाई बढ़ेगी, पेंशन भी बढ़ जाएगी, लेकिन पेंशन में जो बढ़ोतरी होगी, वह महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) कहलाएगा। यह बढ़ोतरी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-W) के आधार पर काउंट होगी।

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इस स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त रकम भी कर्मचारी को मिलेगी। दी जाने वाली रकम 6 महीने की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के 10वें हिस्से का जोड़ होगी, लेकिन यह ग्रेच्युटी से अलग होगी। इस स्कीम के दायरे में साल 2004 के बाद रिटायर हुए कर्मचारी आएंगे और उन्हें पेंशन का बकाया भी मिलेगा। ऐसे में सरकार स्कीम लागू होने के बाद करीब 800 करोड़ का भुगतान रिटायर्ड कर्मचारियों को करेगी।

UPS और NPS में अंतर क्या?

  • जिन्होंने NPS को चुना है, वे UPS में नहीं जा सकेंगे।
  • UPS सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए है।
  • NPS टियर 1 और टियर 2 अकाउंट होते हैं, जिन्हें कोई भी खोल सकता है और इवेस्टमेंट कर सकता है।
  • UPS में फैमिली पेंशन भी मिलेगी। मिनिमम अश्योर्ड पेंशन मिलेगी। NPS में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
  • NPS में 10% (बेसिक+DA) सैलरी कटती है। UPS में भी इतनी ही कटौती होगी, लेकिन सरकार 18.5 प्रतिशत का योगदान देगी।
  • UPS में सरकारी कर्मचारी को 25 साल नौकरी करने के बाद पेंशन के अलावा एकमुश्त रकम भी मिलेगी। NPS में ऐसा नहीं है।
  • UPS में 25 साल की सेवा के बाद बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में मिलेगा और 10 साल की सेवा के बाद 10000 रुपये अश्योर्ड पेंशन भी मिलेगी।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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