पहलगाम हमले के बाद दुनियाभर में युद्ध की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को हर समय हमले का डर सता रहा है। उसकी नींद उड़ी हुई है। इस बीच अब इस मामले में यूएन की एंट्री हो गई है। यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की।
यूएन महासचिव ने फोन पर की बात
पाक पीएम से बातचीत के दौरान गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दोनों देशों को टकराव की स्थिति से बचने के लिए कहा है। गुटेरेस के प्रवक्ता ने बताया कि महासचिव ने भारत के विदेश मंत्री जयशंकर और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से फोन पर बात की। महासचिव ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि महासचिव ने दोनों देशों को टकराव की स्थिति से बचना जरूरी बताया। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने मौजूदा तनाव को कम करने के लिए किसी भी प्रयास में मदद देने की इच्छा जताई।
जयशंकर ने ट्वीट कर दी जानकारी
इस बातचीत के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से बातचीत हुई। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, जिसकी हम सराहना करते हैं। घटना की जवाबदेही तय करने की सहमति बनी है। इस हमले के साजिशकर्ताओं, समर्थकों और दोषियों को कठघरे में लाया जाएगा।
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पहलगाम हमले से हमारा कोई लेना-देना नहीं
यूएन महासचिव से बातचीत के दौरान शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान के शामिल होने के आरोपों को खारिज कर दिया। इसके साथ ही शरीफ ने कहा कि यूएन जम्मू-कश्मीर विवाद को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के अनुरूप सुलझाने में भूमिका निभाए। इसके बाद पाक पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि आज यूएन महासचिव गुटेरेस से फोन पर बातचीत हुई। हम हर प्रारूप में आतंकवाद की निंदा करते हैं भारत के आरोपों को खारिज करते हैं। इसके साथ ही पहलगाम घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।
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