जनवरी की कड़ाके की ठंड ने उत्तर भारत को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है. देश की राजधानी दिल्ली में तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया है जिससे लोग शीतलहर की चपेट में हैं. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है. ठंड के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को जहरीली हवा का भी सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यहां का एक्यूआई (AQI) 349 तक पहुंच गया है जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है. हरियाणा का हिसार शहर सबसे ठंडा दर्ज किया गया है जहां पारा गिरकर 0.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जो सामान्य से करीब छह डिग्री कम है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में पिछले एक महीने से जारी भीषण ठंड से अब थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले पांच-छह दिनों में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि पश्चिमी यूपी में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है और 19 जनवरी के बाद कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है. बिहार की बात करें तो पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में 19 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा लेकिन सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है. इस कोहरे की वजह से सड़क और रेल यातायात पर बुरा असर पड़ने की संभावना जताई गई है जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
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पहाड़ों पर बर्फबारी और राजस्थान में शीतलहर का असर
कश्मीर में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है जिसके चलते आने वाले हफ्तों में मौसम का मिजाज बदलेगा. मौसम विभाग ने 19 जनवरी से पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी और 22 से 24 जनवरी के बीच भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है. राजस्थान में भी ठंड के तेवर कड़े बने हुए हैं और फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है. शेखावाटी अंचल में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है. हालांकि 17 जनवरी से राजस्थान में आंशिक बादल छा सकते हैं लेकिन कड़ाके की सर्दी से फिलहाल पूरी राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
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देशभर में मौसम का बदलता मिजाज
मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल के कई जिलों के लिए कोहरे का अलर्ट जारी किया है. उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कूचबिहार और मालदा जैसे इलाकों में सुबह के वक्त विजिबिलिटी बहुत कम रह सकती है. दक्षिण बंगाल के भी कई हिस्सों में धुंध का असर देखने को मिलेगा लेकिन अगले एक हफ्ते तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है. कुल मिलाकर पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में इस समय मौसम का मिला-जुला असर दिख रहा है जहां कहीं बर्फबारी तो कहीं घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ही तय करेगी कि ठंड से राहत मिलेगी या ठिठुरन और बढ़ेगी.