TMC Protest in Delhi: दिल्ली में बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. पार्टी के 8 सांसदों ने वर्करों के साथ गृह मंत्रालय के सामने धरना दिया और सरकार विरोध नारेबाजी की, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और संसद मार्ग थाने ले गई. प्रदर्शन में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार शामिल हुईं.
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा को हिरासत में लिया है. वहीं पश्चिम बंगाल में भी TMC के वर्कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आज प्रोटेस्ट मार्च निकालेंगी. उनके आह्वान पर ही TMC ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, धरने और नारेबाजी शुरू की है. TMC ने आरोप लगाया है कि पार्टी की फाइलें और दस्तावेज चुराकर BJP विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है.
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क्या बोले महुआ मोइत्रा और ब्रायन?
दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया तो महुआ मोइत्रा ने कहा कि हम भाजपा को हराएंगे. पूरा देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक निर्वाचित सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है? सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि आप देख रहे हैं कि यहां सांसदों के साथ क्या हो रहा है?
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IPAC दफ्तर में ED की रेड का विरोध
बता दें कि बीते दिन कोलकाता में IPAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और दफ्तरों पर ED की रेड के दौरान खूब बवाल मचा. IPAC कंपनी ममता बनर्जी की पार्टी की पॉलिटिकल कंसल्टेंट है और पार्टी का चुनावी मैनेजमेंट भी संभालती है. ED ने कोयलो चोरी घोटाले में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी दल-बल लेकर मौके पर पहुंचीं और जबरन IPAC के दफ्तर में घुसकर फाइलें उठाकर ले गईं.
ED ने ममता बनर्जी पर सरकारी जांच में बाधा डालने का आरोप लगा है, वहीं ममता बनर्जी ने ED के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है और IPAC ने रेड की वैधता पर सवाल उठाकर हाई कोर्ट में याचिका डाली है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि BJP जबरन पार्टी की फाइलें, दस्तावेज, हार्ड डिस्क चुराकर चुनावी तैयारियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. ED की रेड गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर हुई है और यह जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं होगी.