वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में मंगलवार को पारंपरिक ‘हलवा समारोह’ के साथ केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों का आखिरी दौर शुरू हो गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी में कड़ाही में हलवा बनाया गया और सभी अधिकारियों को परोसा गया. यह रस्म सिर्फ मीठा खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन करीब 100 अधिकारियों और कर्मचारियों के ‘लॉक-इन’ यानी एक तरह की नजरबंदी की शुरुआत है जो बजट दस्तावेजों को अंतिम रूप देते हैं. वित्त मंत्री ने इस दौरान बजट प्रेस का दौरा किया और वहां काम कर रहे कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बजट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के इंतजाम इतने कड़े हैं कि ये 100 अधिकारी अब 1 फरवरी को बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के भीतर ही रहेंगे. इस दौरान वे अपने परिवार से नहीं मिल सकते और न ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं. उनके पास कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप्प या इंटरनेट की कोई सुविधा नहीं होगी. उन्हें बाहरी दुनिया और मीडिया से पूरी तरह काट दिया जाता है ताकि टैक्स, सब्सिडी और सरकारी खर्चों जैसी संवेदनशील जानकारी समय से पहले लीक न हो सके. लॉक-इन का यह समय आमतौर पर 5 से 10 दिनों का होता है, जिसमें अधिकारी पूरी तरह परिसर के भीतर ही रहते हैं.
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सख्ती के पीछे की वजह क्या है?
इस सख्ती के पीछे मुख्य वजह बजट की विश्वसनीयता बनाए रखना है. बजट में देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े नीतिगत फैसले होते हैं, जिनका असर बाजार और आम जनता पर पड़ता है. टैक्स विभाग, लेखा और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े इन चुनिंदा अधिकारियों की निगरानी चौबीसों घंटे की जाती है. वित्त मंत्री द्वारा हलवा परोसने का मतलब यही है कि अब बजट बनाने का तकनीकी और प्रशासनिक काम अपने चरम पर है. इस मौके पर वित्त मंत्रालय के सभी विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं.
ऐप पर मिलेगी हर छोटी-बड़ी जानकारी
सरकार ने साफ कर दिया है कि बजट 2026-27 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगा. 1 फरवरी को वित्त मंत्री के भाषण के बाद सभी दस्तावेज ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ पर अपलोड कर दिए जाएंगे. यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. सांसद और आम जनता इस ऐप के जरिए वार्षिक वित्तीय विवरण और वित्त विधेयक जैसे जरूरी कागजात आसानी से पढ़ सकेंगे. इसके अलावा बजट पोर्टल से भी इन दस्तावेजों को डाउनलोड किया जा सकेगा, जिससे आम लोगों की पहुंच देश के सबसे बड़े आर्थिक दस्तावेज तक आसान हो जाएगी.
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