77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सेना ने परेड और बीटिंग रिट्रीट को लेकर अहम जानकारियां साझा कीं. आर्मी परेड ब्रीफ में जनरल नवराज ढिल्लन ने बताया कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड करीब 90 मिनट की होगी.
परेड की शुरुआत रायसीना हिल्स से होगी, जो कर्तव्य पथ होते हुए लाल किला तक जाएगी. इससे पहले प्रधानमंत्री नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. परेड की शुरुआत राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी से होगी.
---विज्ञापन---
इस बार परेड में कई खास बातें देखने को मिलेंगी. यूरोपीय संघ का मार्चिंग दस्ता भी परेड का हिस्सा होगा. भारतीय सेना के दस्ते बैटल ऐरा से होते हुए ऑफेंसिव फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेंगे, इस बार युद्ध के दौरान सेना की रणनीति को दिखाया जाएगा.
---विज्ञापन---
परेड में सेना के सभी प्रमुख युद्धक दस्ते शामिल होंगे. इनमें ड्रोन यूनिट, लोइटरिंग म्यूनिशन यूनिट, सिग्नल यूनिट और लॉजिस्टिक्स दस्ता शामिल हैं. इसके अलावा ऑल टेरेन व्हीकल, लद्दाखी पोनी और लद्दाखी ऊंट भी इस बार परेड का हिस्सा होंगे.
सेना की ओर से इंटीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर की झांकी भी प्रदर्शित की जाएगी. सेना के टोटल 6 मार्चिंग कंटिंजेंट परेड में शामिल होंगे, इसके साथ ही नेवी और एयरफोर्स दस्ते भी मार्च करते नजर आयेंगे.
बीएसएफ के दो ऊंट दस्ते, एयरफोर्स टैब्लो और नेवी टैब्लो भी परेड का आकर्षण होंगे. इस साल 30 झांकियां निकाली जाएंगी, जिनमें 17 राज्यों और 10 केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां शामिल होंगी.
बीटिंग रिट्रीट समारोह 29 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें आर्मी, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और बीएसएफ के बैंड भारतीय धुनों की प्रस्तुति देंगे.
खास बात यह है कि इस बार ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित झांकी भी दिखाई जाएगी, जिसमें दुश्मन के खिलाफ किए गए 88 घंटे के ऑपरेशन, त्रि-सेवा एकीकृत अभियान, कामिकाज़े ड्रोन और दुश्मन की सीमा पर मौजूद ठिकानों को दर्शाया जाएगा.
आपको बता दे कि 77वां गणतंत्र दिवस समारोह भारत की सैन्य शक्ति, एकजुटता और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन होगा.