नई दिल्ली: तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य अपने इतिहास में लिखेगा कि कैसे एक महिला राज्यपाल के साथ भेदभाव किया गया।
राज्य सरकार भेदभाव कर रही हैं, क्योंकि मैं महिला हूं
तेलंगाना की राज्यपाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है क्योंकि वह एक महिला हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कार्यक्रम के लिए मुझे हेलीकॉप्टर देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के मौके पर मुझे झंडा फहराने की भी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जब भी मैं लोगों तक पहुंचने की कोशिश करती थी, राज्य सरकार की ओर से बाधा पहुंचाया जाता था।
राज्य सरकार ने आदिवासी उत्सव के लिए नहीं दिया हेलीकॉप्टर
सुंदरराजन ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे मुलुगु जिले में एक आदिवासी उत्सव के लिए जाना था। मुझे सम्मक्का सरक्का (जतारा) जाना था। सड़क मार्ग से जाने में आठ घंटे लगते हैं, इसलिए मैंने राज्य सरकार से हेलीकॉप्टर मांगा था। आखिरी मिनट तक हमें सूचित नहीं किया गया कि वे (राज्य सरकार) हेलीकॉप्टर देंगे या नहीं। हम अगली सुबह कार से निकल गए। उन्होंने ये भी कहा कि मैं किसी को टार्गेट नहीं कर रही हूं लेकिन सर्वोच्च पद का सम्मान किया जाना चाहिए।
मैं जहां जाती हूं, प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता है: सुंदरराजन
राज्यपाल ने कहा कि यह एकमात्र घटना नहीं है। इसके अलावा मुझे राज्यपाल के अभिभाषण से वंचित कर दिया गया। मुझे गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने से मना कर दिया गया। अब भी मैं जहां भी जाती हूं, प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन नहीं होता है। कलेक्टर अभिवादन नहीं करते हैं, लेकिन मुझे इससे परेशानी नहीं है लेकिन राज्यपाल का सम्मान किया जाना चाहिए।
हम सभी को नारीत्व का सम्मान करना चाहिए: सुंदरराजन
सुंदरराजन ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से किए गए भेदभाव के बाद भी मेरा जनता के प्रति प्रेम नहीं रूका। मैं किसी भी पुरुष से ज्यादा काम करती हूं। मैं महिला हूं, इसलिए मुझे आवंटन या आरक्षण के जरिए कुछ नहीं चाहिए लेकिन हम सभी नारीत्व का सम्मान करते हैं और करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब हेलीकॉप्टर के बजाए जहां भी संभव हो सके ट्रेन से या फिर कार से यात्रा करती हूं।
राज्यपाल सुंदरराजन के आरोपों का न तो तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और न ही उनकी सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है। बता दें कि सुंदरराजन तमिलनाडु भाजपा की पूर्व प्रमुख हैं।