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‘मेरे कंधे पर तिरंगा…’, शुभांशु शुक्ला ने अतंरिक्ष के रास्ते से भेजा पहला संदेश

Shubhanshu Shukla Axiom-4 Mission: भारत शुभांशु शुक्ला ने अतंरिक्ष के रास्ते से देशवासियों के लिए खास मैसेज भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा कि इस मिशन पर मैं अकेला नहीं हूं। मेरे कंधे पर तिरंगा है जोकि बता रहा है कि आप सभी देशवासी भी मेरे साथ है।

भारत के शुभांशु शुक्ला (Pic Credit-Social Media)
Axiom-4 Mission: भारत के शुभांशु शुक्ला तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ एक्सिओम-4 मिशन के लिए अमेरिका कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भर चुके हैं। वे 28 घंटे और 450 किलोमीटर की यात्रा के बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचेंगे। ऐसे में शुभांशु ने स्पेसक्राफ्ट से पहला मैसेज दिया है। जिसमें उन्होंने कहा, नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियो। 41 साल बाद हम फिर से अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं। इस समय हम 7.5 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से पृथ्वी के चारों ओर घूम रहे हैं। मेरे कंधे पर तिरंगा है, जो मुझे बता रहा है कि मैं अकेला नहीं हूं, आप सभी मेरे साथ है।

सीना गर्व से चौड़ा होना चाहिए

शुभांशु ने आगे कहा कि ये शुरुआत मेरी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जर्नी की नहीं है, बल्कि भारत के ह्यूमन स्पेस प्रोग्राम की है। मैं चाहता हूं कि सभी देशवासी इसके भागीदार बनें। आपका भी सीना गर्व से चौड़ा होना चाहिए। आइये हम सब मिलकर भारत की स्पेस जर्नी की शुरुआत करें, जय हिंद, जय भारत। ये भी पढ़ेंः 2019 में अभिनंदन को पकड़ने का दावा करने वाला पाकिस्तानी मेजर ढेर, टीटीपी के हमले में मारा गया बता दें कि शुभांशु इंटरनेशनल अतंरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय होंगे। जबकि 1984 में राकेश शर्मा के बाद वे अंतरिक्ष में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय होंगे। जानकारी के अनुसार शुभांशु का एयरक्राफ्ट 28 घंटे की यात्रा के बाद गुरुवार शाम को करीब 4ः30 बजे आईएसएस पहुंचेगा।

एयरफोर्स ने किया ट्वीट

वहीं शुभांशु के मिशन लाॅन्च होने के बाद एयरफोर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि आसमान को जीतने से लेकर सितारों को छूने तक इंडियन एयरफोर्स के योद्धा की अदम्य भावना से प्रेरित एक यात्रा। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन पर रवाना हुए जो देश के गौरव को धरती से परे ले जाएगा। ये एक ऐसा क्षण है जो 41 साल बाद स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा के मिशन के 41 साल बाद आया है। जिसमें पहली बार तिरंगे को धरती से परे ले जाया गया है। ये भी पढ़ेंः ‘शुभांशु शुक्ला के Axiom-4 Mission का गगनयान को होगा फायदा’ जानें क्या बोले भारत के Space Strategist


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