Manipur Violence: मणिपुर दो महीने से हिंसा में जल रहा है। पुलिस-प्रशासन हिंसा रोकने में नाकाम है। सरकार की हर कोशिश नाकाम है। इस्तीफे की अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य महत्वपूर्ण मोड़ पर है। ऐसी स्थिति में मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगा।
दरअसल, सीएम ने शुक्रवार को राज्यपाल अनसुइया से मिलने का वक्त मांगा था। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन में हलचल बढ़ गई है। अटकलें शुरू हो गई कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
जैसे ही ये अफवाह फैली, तमाम महिलाएं सीएम आवास से करीब 100 मीटर दूर नुपी लाल कॉम्प्लेक्स में बीरेन सिंह के समर्थन में उतर आई हैं। उन्होंने आवास के बाहर प्रदर्शन किया है। महिलाओं ने सीएम को इस्तीफा न देने के लिए मनाया। सीएम बीरेन सिंह ने अपने आवासे बाहर निकलकर समर्थक महिलाओं से मुलाकात की।
हमारा कौन करेगा नेतृत्व? सीएम पर भरोसा
समर्थकों में से एक महिला ने कहा कि हम नहीं चाहते कि सीएम इस्तीफा दें, उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। वह हमारे लिए बहुत काम कर रहे हैं। हम सीएम को समर्थन दे रहे हैं।
वहीं, एक अन्य ने कहा कि हम 2 महीने से उथल-पुथल की स्थिति में हैं। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब भारत सरकार और मणिपुर सरकार इस संघर्ष को लोकतांत्रिक तरीके से हल करेगी। ऐसी स्थिति में अगर मणिपुर के सीएम इस्तीफा दे देते हैं, तो लोग कैसे रहेंगे यहां? हमारा नेतृत्व कौन करेगा? वह संघर्ष की शुरुआत से ही हमारा नेतृत्व कर रहे हैं। मैं नहीं चाहती कि वह इस्तीफा दें। हमें उन पर भरोसा है।
दो महीने से जारी जातीय संघर्ष
लगभग दो महीने पहले 3 मई को मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में मैतेई समुदाय को शामिल करने की मांग के विरोध में ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन (एटीएसयू) ने रैली निकाली थी। इसी दौरान झड़प के बाद से हिंसा अब तक जारी है। करीब 115 लोगों की मौत हो चुकी है।
सीएम ने गृह मंत्री से की थी मुलाकात
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बीते रविवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य में शांति बनाए रखने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इससे पहले अमित शाह ने मणिपुर का दौरा भी किया था।
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