हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

राजीव गांधी हत्याकांड: नलिनी श्रीहरन ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, दोषी ने लगाई जल्द रिहाई की याचिका

विज्ञापन
Nalini Shriharan

चेन्नई: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी श्रीहरन ने समय से पहले रिहाई की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। इससे पहले श्रीहरन ने मद्रास उच्च न्यायालय के सामने भी दो महीने पहले रिहाई की अपील की थी, जिसे नामंजूर कर दिया गया।

भारत के पूर्व प्रधान मंत्री की हत्या में शामिल होने के लिए श्रीहरन को 14 जून, 1991 को गिरफ्तार किया था। जानकारी के मुताबिक वह सलाखों के पीछे सबसे लंबे समय तक रहने वाले वह महिला कैदी है। गौरतलब है कि 25 अन्य लोगों के साथ, उसे 28 जनवरी, 1998 को चेन्नई में एक नामित टाडा अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। एक साल बाद, सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी, संथान, मुरुगन और पेरारीवलन की मौत की सजा की पुष्टि की, तीन अन्य लोगों की मौत की सजा को आजीवन कारावास से बदल दिया और 19 आरोपियों को मुक्त किया।

तत्कालीन सीएम एम करुणानिधि की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह को स्वीकार करने के बाद, तमिलनाडु के राज्यपाल ने 24 अप्रैल, 2000 को नलिनी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। उसने 17 जून को मद्रास उच्च न्यायालय को चुनौती दी, जिसने उसकी शीघ्र रिहाई के लिए याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति एन माला की खंडपीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियां प्राप्त नहीं हैं और इस प्रकार, उन्हें रिहाई नहीं दे सकता।

राजीव गांधी हत्याकांड

विज्ञापन

21 मई, 1991 को, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपैरंबदूर में एक लिट्टे आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी, जब वे लोकसभा चुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए मंच की ओर जा रहे थे।

नलिनी के अलावा, उसके पति मुरुगन, टी सुथेंद्रराजा, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और पी रविचंद्रन आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। 18 मई को एक बड़े घटनाक्रम में, शीर्ष अदालत ने पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया, जिसमें तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करने में अक्षम्य देरी का हवाला दिया गया, जो उन्हें किसी दोषी को क्षमा करने या सजा को कम करने का अधिकार देता है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola