प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश और असम की सुरक्षा के लिए एक और गंभीर पाप किया है. यह पाप अब पूरे राष्ट्र और असम दोनों के लिए भारी खतरा बन चुका है. PM मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कांग्रेस पार्टी ने रोटी (जीविका), बेटी (बेटियों) और माटी (जमीन) — इन तीनों महत्वपूर्ण तत्वों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. कांग्रेस हमेशा से घुसपैठियों का समर्थन करती रही है. दशकों तक कांग्रेस ने इस क्षेत्र के मूल निवासियों को उनकी जमीन से संबंधित बुनियादी कानूनी दस्तावेज तक नहीं दिए. कांग्रेस ने आदिवासी जमीन के विशाल हिस्सों को घुसपैठियों को सौंप दिया.”
असम का जनसांख्यिकीय ढांचा बिगड़ा
पीएम ने साफ किया कि दशकों तक घुसपैठियों को पनाह देने वाली नीतियों के कारण आज असम का जनसांख्यिकीय ढांचा बिगड़ चुका है. यह स्थिति खासतौर पर धुबरी और गोलपारा जिलों में सबसे ज्यादा भयावह थी. नतीजा? बोडोलैंड में जनसांख्यिकीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और समाज में गहरा संकट पैदा हो गया.
लेकिन अब बदलाव का समय आ गया है! असम के मुख्यमंत्री हेमंत जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने घुसपैठियों द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन को वापस लेने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम असम की माटी, बेटियों और स्थानीय लोगों की जीविका की रक्षा के लिए अत्यंत जरूरी है.
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PM ने असम के बोडोलैंड क्षेत्र का उठाया मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के बोडोलैंड क्षेत्र में कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे 'झूठे वादों की मशीन' करार दिया है. पीएम ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक बोडो समुदाय की कई पीढ़ियों को सिर्फ सुनहरे और झूठे सपनों के जाल में उलझाए रखा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मकसद कभी समस्या का समाधान करना था ही नहीं, बल्कि समुदायों को आपस में लड़ाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना था.
पीएम ने कहा कि जब जनता ने कांग्रेस को बेदखल कर भाजपा को मौका दिया, तब जाकर शांति की दिशा में वास्तविक और ईमानदार काम शुरू हुआ. पहली बार इतिहास में ऐसा हुआ कि किसी समझौते ने सभी प्रमुख संगठनों और समूहों को एक मंच पर ला खड़ा किया.
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