प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति से टैरिफ और अवैध अप्रवासियों के मुद्दे पर बातचीत करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप दोबारा सत्ता में आने के बाद कनाडा, मैक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने बाद में कनाडा और मैक्सिको को टैरिफ में 30 दिन के लिए राहत दे दी। ट्रंप भारत के हाई टैरिफ रेट की आलोचना कर चुके हैं।
हालांकि अभी तक ट्रंप ने भारत पर किसी भी तरह का टैरिफ नहीं लगाया है, लेकिन दोनों देशों के बची टैरिफ को लेकर बातचीत हो सकती है। अवैध भारतीय अप्रवासियों के मुद्दे पर भी बात हो सकती है। अमेरिका में 7 लाख 25 हजार से ज्यादा अवैध अप्रवासी भारतीय रहते हैं। इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट (ICE) ने बिना वैध दस्तावेज वाले 20407 भारतीयों को चिह्नित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अमेरिका गया डेलीगेशन कुल 6 बैठकों में शामिल होगा। PM मोदी की अंतिम बैठक गुरुवार शाम 4 बजे (भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार रात 2:30 बजे) होगी। PM मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिनर करेंगे। दोनों व्हाइट हाउस में मीडिया से भी बातचीत कर सकते हैं। दोनों के बीच द्विपक्षीय वाता हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका पहुंचते ही राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गब्बार्ड से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का शानदार स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा उस समय हुई है, जब अमेरिका में भयंकर ठंड पड़र ही है। बर्फबारी और ओले के कारण वाशिंगटन शहर भीषण ठंड की चपेट में है। वे प्रेसिडेंट गेस्ट हाउस यानी आलीशान ब्लेयर हाउस में रुकेंगे। यह व्हाइट हाउस के ठीक सामने है। इस गेस्ट हाउस में वर्ल्ड लीडर्स ठहरते हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा के बाद गुरुवार सुबह अमेरिका पहुंचे, जहां उनका शानदार स्वागत हुआ। सुबह करीब साढ़े 4 बजे मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उनका विमान लैंड हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस की 2 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। बुधवार शाम 7 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस से विदाई ली थी। उन्हें विदा करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे। भारत ने फ्रांस को स्वदेशी पिनाक मल्टी लॉन्च आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम की पेशकश की है। PM मोदी ने फ्रांसीसी सेना को पिनाक की क्षमता को करीब से परखने के लिए न्योता दिया है।