नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट का जल्द ही विस्तार हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, खराब रिपोर्ट वाले मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया जा सकता है, या फिर उन्हें छोटे मंत्रालय दिए जा सकते हैं। साथ ही दर्जन भर मंत्रियों के पोर्टफोलियो में परिवर्तन के भी आसार हैं। ये भी कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों को भी मोदी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट में शामिल उन मंत्रियों पर गाज गिर सकती है जिनकी रिपोर्ट खराब है। ऐसे मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया जा सकता है। फिलहाल, बताया जा रहा है कि मोदी सरकार के मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा जारी है। पिछले एक सप्ताह से रिपोर्ट कार्ड पर समीक्षा जारी है। समीक्षा के बाद जारी रिपोर्ट के आधार पर मंत्रियों को हटाने का फैसला लिया जाएगा।
पीएम मोदी खुद देख रहे हैं रिपोर्ट कार्ड
बताया जा रहा है कि आने वाले महीनों में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों को ध्यान में रखते हुए ये कैबिनेट विस्तार किया जाएगा। पिछले एक हफ्ते से इसकी तैयारी और कवायद जारी है।
सभी मंत्रालयों से रिपोर्ट कार्ड मांगे गए हैं और पीएम मोदी उन रिपोर्ट कार्ड पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। पीएम मोदी देख रहे हैं किन मंत्रालयों का कामकाज ठीक है और किसका बेहतर नहीं है।
बताया जा रहा है कि 10 बिंदुओं वाला एक फॉर्मेट सभी मंत्रालयों को दिया गया है जिसे मंत्रालय भरकर दे भी रहे हैं। इनमें एक मुख्य बिंदु ये भी है कि सरकार के एजेंडे को किन राज्यों में जमीन पर किस तक उतारा गया है और आम लोगों तक उस एजेंडे का कितना फायदा हुआ। बताया जा रहा है कि इस कसौटी पर मंत्रियों के काम को आंका जा रहा है कि उन्होंने कितना काम किया है।
शिंदे गुट को दो मंत्रियों का मिल सकता है पद
सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के शिंदे गुट के दो सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता है। इनमें से एक को कैबिनेट जबकि दूसरे को राज्यमंत्री का पद मिल सकता है। बताया जा रहा है कि ये कैबिनेट विस्तार बड़ा नहीं होगा लेकिन दर्जनभर मंत्रियों के विभागों में फेरबदल हो सकता है और कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। कहा जा रहा है कि 2024 में लोकसभा चुनाव के पहले ये आखिरी फेरबदल होगा।
बता दें कि मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह के पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद से फेरबदल की अफवाहें जोरों पर थीं। नकवी के पास अल्पसंख्यक मामलों का विभाग था जबकि आरसीपी सिंह के पास इस्पात मंत्रालय था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह के बाद 6 जुलाई को स्मृति ईरानी को अल्पसंख्यक मामलों के विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस्पात मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
एक साल पहले जुलाई में हुआ था कैबिनेट में फेरबदल
बता दें कि मोदी कैबिनेट में आखिरी फेरबदल एक साल पहले यानी जुलाई 2021 में हुआ था। इस दौरान कई सीनियर मंत्रियों को मोदी कैबिनेट से बाहर किया गया था जबकि कुछ युवा चेहरों को प्रमोट किया गया था।
संबंधित खबरें
'प्रधानमंत्री सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ', राहुल गांधी ने PM मोदी पर साधा निशाना
8 hrs agoकौन हैं फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छर? भारतीय 'हीरो' ने घायल होकर भी बचाई 180 यात्रियों की जान
9 hrs agoएसिड अटैक पीड़ितों के लिए आसान होगी ट्रेन की यात्रा! SC में केंद्र ने दी ड्राफ्ट तैयार करने की दी जानकारी
10 hrs agoPM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बात, व्यापार-रक्षा समेत इन मुद्दों पर की चर्चा
12 hrs agoMEA ने रूस जाने वाले भारतीयों के लिए जारी की एडवाइजरी, कहा- फर्जी नौकरी के ऑफर के झांसे में ना फंसे
12 hrs agoपाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, सेना के SSG का पूर्व कमांडो था मारा गया लश्कर आतंकवादी हाशिम मूसा
12 hrs agoदिवाली पर पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं लगाएगा सुप्रीम कोर्ट, आतिशबाजी के लिए मिलेगा सीमित समय
12 hrs agoक्या है PM-DHARA स्कीम? 1.86 लाख करोड़ की इस योजना से कैसे बदलेगा देश का ग्रीन एनर्जी ग्रिड
13 hrs agoरबी की फसलों पर बढ़ी MSP, पीएम धारा और दिल्ली में ITMS को मंजूरी… मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
16 hrs ago2-8 अक्टूबर तक हर जिले में कैंपेन, 6 को EC मार्च… CEC के खिलाफ 'INDIA' का हल्लाबोल
16 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines