Odisha Train Tragedy: ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार की शाम हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका वकील विशाल तिवारी ने लगाई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक जांच आयोग के गठन की मांग की है। दो जून को हुए बालासोर ट्रेन हादसे में मौतों का आंकड़ा 288 पहुंच गया है। एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें 800 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बालोसाेर में हैं। घायलों को समुचित इलाज के साथ कोलकाता-चेन्नई रूट को बहाल किया जा रहा है।

दो माह में सौंपे अपनी रिपोर्ट आयोग: याचिकाकर्ता की मांग

याचिकाकर्ता वकील विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ आयोग का गठन किया जाए। जिसमें रेलवे सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करने और सुझाव देने के लिए तकनीकी सदस्य भी शामिल किए जाएं। आयोग रेलवे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए संशोधन और इस न्यायालय को अपनी रिपोर्ट पेश करे। कवच और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच होनी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि रेल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश बनाए जाएं और आयोग दो महीने में अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपे। याचिका में केंद्र सरकार को भी दिशा-निर्देश देने की मांग की गई है।

ऐसे हुआ ट्रिपल ट्रेन हादसा

दरअसल, करीब 1500 यात्रियों को लेकर चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस शुक्रवार रात ओडिशा में बालासोर जिले के बहनागा बाजार रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। इसके बाद डिरेल हो गई। कोरोमंडल के डिब्बे साइड के ट्रैक पर जा गिरे। तभी यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस आ गई और भीषण टक्कर हो गई। अब तक 288 लोगों की मौत हुई है। एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह भी पढ़ें: Odisha Train Tragedy: हादसे की वजह और जिम्मेदारों की हुई पहचान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कवच पर कही ये बात