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पाकिस्तान से 400 लोगों की अस्थियां लेकर प्रयागराज महाकुंभ पहुंचा पुजारी, हरिद्वार में करेंगे विसर्जित

Pakistan Hindu Priest Brings Ashes to India: पाकिस्तान के कराची शहर से पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी रामनाथ मिश्रा 400 लोगों की अस्थियां लेकर भारत आए हैं। वे 22 फरवरी को हरिद्वार में 100 लीटर दूध की धारा में विसर्जित करेंगे।

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Pakistan Hindu Priest Brings Ashes to India

400 Ashes from Pakistan for Immersion in Ganga: महाकुंभ प्रयागराज में दुनियाभर से श्रद्धालु से भारत आ रहे हैं। अब तक करीब 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से हजारों लोग भारत की आध्यत्मिकता और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम का हिस्सा बनने के लिए पहुंचे हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान भी इससे अछूता नहीं रहा। पाकिस्तान के कराची शहर से पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी रामनाथ मिश्रा भी कुंभ में आए हैं। कराची में एकमात्र मिश्रा परिवार होने का दावा करने वाले रामनाथ मिश्रा 400 हिंदुओं और सिखों की अस्थियां भी विसर्जन के लिए लाए हैं।

परिवार के साथ महाकुंभ के सेक्टर 24 में रह रहे मिश्रा ने स्वामी अधोक्षजानंद के शिविर में अपने 9 साल के बेटे का जनेऊ संस्कार किया। उन्होंने कहा कि वे संगम का जल लेकर दिल्ली जाएंगे, जहां 21 फरवरी को निगम बोध घाट पर अस्थि कलशों का पूजन किया जाएगा। अस्थियों पर संगम का जल छिड़कने के बाद दिल्ली से हरिद्वार तक रथ यात्रा निकाली जाएगी और 22 फरवरी को सती घाट पर 100 लीटर दूध की धारा में अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

कराची हनुमान मंदिर पर कर लिया था कब्जा

मिश्रा ने मां कमला देवी, पत्नी, बेटे देवेंद्रनाथ मिश्रा, दो बेटियों और एक भतीजे के साथ स्वामी अक्षोजानंद देवतीर्थ से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि एक समय कराची में पंचमुखी हनुमान मंदिर पर कब्जा कर लिया गया था, काफी प्रयासों के बाद मंदिर को खाली कराया गया। वहां के श्मशान घाट का भी जीर्णोद्धार करवाया गया। जहां अब एक बार में 15 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।

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9 साल में इकट्ठे किए 400 अस्थि कलश

उन्होंने बताया कि श्मशान घाट पर अस्थियों के लिए घर भी बनाया गया है। जहां करीब 9 साल में 400 अस्थि कलश इकट्ठे किए गए हैं। बता दें कि मिश्रा उनके पूर्वज करीब 1500 साल से पंचमुखी हनुमान मंदिर की सेवा कर रहे हैं। जब मेरा भारत के लिए वीजा स्वीकृत हुआ, तो मैंने आहुति के लिए सभी की अस्थियां इकट्ठा की। भारत में उनके परिवार से वह फिलहाल संपर्क में नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजों उनको बताया कि उनका परिवार प्रयागराज के चकिया गांव में था।

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नाथ संप्रदाय से जुड़े हैं

मिश्रा ने बताया कि वे नाथ संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं और सीएम योगी आदित्यनाथ के बड़े प्रशंसक हैं। मेरा वीजा सिर्फ लखनऊ तक के लिए था, लेकिन मैंने सीएम योगी से अन्य शहरों में जाने की इच्छा जताई इस पर प्रयागराज, काशी और मथुरा जाने की अनुमति दी गई। उन्होंने भारत सरकार पाकिस्तान के लोगों के लिए वीजा नियमों में ढील देने का आग्रह किया।

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