(दीपक दुबे, दिल्ली)
पाकिस्तान ने एक और नापाक हरकत की है। पाकिस्तान अब भारत के दुश्मन TRF के बचाव में उतर आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने पाकिस्तान की संसद में आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा के साथी द रेजिस्टेंस फोरम का बचाव किया है।
इशाक डार ने कहा कि TRF का पहलगाम हमले से लेना देना नहीं है, अगर ऐसा है तो भारत सबूत दे, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक प्रतिबंधों से बचने के लिए पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा का नाम बदलकर TRF कर दिया था।
सबूतों में दोषी निकला तो कार्रवाई करेंगे
गौरतलब है कि लश्कर-ए-तैयबा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी होने के बाद पाकिस्तान ने लश्कर को प्रतिबंधित कर दिया था, जबकि लश्कर और TRF एक ही हैं, जिन्हें पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने ही जन्म दिया है। मंत्री डार ने कहा है कि अमेरिका ने एक प्रेस रिलीज जारी की, जिस में 2 सवाल थे। एक पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र था।
दूसरा TRF का जिक्र था। हमने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने वाले UNSC के बयान में TRF का नाम लेने पर हमने विरोध किया। TRF को उस प्रेस रिलीज में पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। भारत हमें सबूत दे कि TRF ने ही यह किया है। अगर दोषी निकला तो हम कार्रवाई करेंगे।
पाकिस्तान के खिलाफ भारत का कड़ा रुख
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े फैसले लिए हैं। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि खत्म कर दी है। पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करके उन्हें वापस उनके वतन भेज दिया है। अटारी बॉर्डर को भी पूरी तरह से बंद कर दिया है।
पाकिस्तानी राजनयिकों की संख्या कम कर दी। उन्हें अवांछित घोषित करके भारत से निकाल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी तीनों सेनाओं को आतंकवाद को कुचलने का हुकम दे दिया है। आतंकियों पर हमला करने का समय, दिन और तरीका तीनों सेनाएं खुद तय करेंगी। इसके चलते भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव का माहौल बना हुआ है।