Nimisha Priya Death Sentence: भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द होने की खबर गलत है। निमिषा प्रिया मामले में मारे गए यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी के भाई अब्दुल फत्ताह ने खुद निमिषा प्रिया की रिहाई को लेकर किए गए भारतीय ग्रैंड मुफ्ती के दावों को खारिज किया। फत्ताह ने कहा कि कुछ कथित धार्मिक लोग अपने लिए झूठी वाहवाही हासिल करने के लिए बिना किसी बात के भी आगे आ जाते हैं।
सैमुअल जेरोम ने भी लिखी फेसबुक पोस्ट
यमन में निमिषा को बचाने का प्रयास कर रही 'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' के मेंबर सैमुअल जेरोम ने फेसबुक पोस्ट लिखकर सजा रद्द होने की सूचना को गलत और भ्रामक बताया है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट में लिखा कि विदेश मंत्रालय से जुड़ी खबरों को पूछकर ही मीडिया को प्रसारित करना चाहिए। यह खबर रात 12.30 बजे ANI पर सबसे पहले आ गई थी, लेकिन ऐसी खबरों को सरकार के वर्जन के साथ ही चलना बेहतर रहेगा।
यमन में चर्चा है कि सैमुअल जेरोम पहले निमिषा को बचाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने 'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' के बैनर तले निमिषा को बचाने के लिए करीब 58000 अमेरिकी डॉलर का फंड भी जुटाया था, ताकि अब्दो महदी के परिवार को बतौर 'ब्लड मनी' (दियात) दिया जा सके। सैमुअल ने ही निमिषा की मां प्रेमा कुमारी को यमन बुलाया और वहां उनके रहने का इंतजाम किया। वे ही प्रेमा कुमारी के साथ मिलकर अब्दो महदी के परिवार और यमन की सरकार से निमिषा की जान बचाने के लिए बातचीत कर रहे थे, लेकिन अब वह पीछे हट गए हैं। उनकी फेसबुक पोस्ट भी महदी का समर्थन करती नजर आ रही है।
सुबह आई थीं सजा रद्द होने की खबरें
बता दें कि आज सुबह निमिषा प्रिया की फांसी की सजा रद्द होने की खबरें आई थीं। ANI ने सजा रद्द होने के अपडेट के साथ खबर प्रसारित की थी। भारतीय ग्रैंड मुफ्ती के कार्यालय ने भी दावा किया था कि सना में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद निमिषा की मौत की सजा को स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है और वह जल्द ही भारत लौट सकती हैं। ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक डॉ. केए पॉल ने भी 22 जुलाई 2025 को सना से एक वीडियो संदेश में सजा रद्द होने और निमिषा की रिहाई की बात कही थी, जिसमें उन्होंने भारत और यमनी नेताओं को धन्यवाद भी दिया था।
विदेश मंत्रालय ने किया खंडन
भारत के विदेश मंत्रालय ने आज 29 जुलाई 2025 को निमिषा की सजा रद्द होने की खबरों के बाद स्पष्टीकरण दिया कि सजा रद्द होने की खबरें गलत हैं। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, निमिषा की मौत की सजा अभी भी बरकरार है और उसे बचाने के लिए कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है और भारत सरकार यमनी प्रशासन के संपर्क में है, ताकि निमिषा को हरसंभव कानूनी और मानवीय सहायता दी जा सके।